{"_id":"69de66d71bb3642f0506d66f","slug":"up-vigilance-case-against-former-regional-marketing-officer-of-barabanki-2026-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: पूर्व क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति में केस दर्ज, आय से 38 लाख अधिक खर्च किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: पूर्व क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति में केस दर्ज, आय से 38 लाख अधिक खर्च किए
Tue, 14 Apr 2026 09:39 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 14 Apr 2026 09:39 PM IST
सार
जांच में पता चला कि उन्होंने अपनी वैध आय से करीब 38.65 लाख रुपये अधिक खर्च किए और संपत्ति अर्जित की। जांच के अनुसार प्रीति पांडेय ने सभी वैध स्रोतों से लगभग 1.73 करोड़ रुपये की आय अर्जित की।
विज्ञापन
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विजिलेंस ने बाराबंकी की पूर्व क्षेत्रीय विपणन अधिकारी प्रीति पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। प्रीति पांडेय वर्तमान में गोंडा के कर्नलगंज में तैनात हैं।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर ने उनकी चल-अचल संपत्तियों की गोपनीय जांच की थी। जांच में पता चला कि उन्होंने अपनी वैध आय से करीब 38.65 लाख रुपये अधिक खर्च किए और संपत्ति अर्जित की। जांच के अनुसार प्रीति पांडेय ने सभी वैध स्रोतों से लगभग 1.73 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जबकि संपत्ति खरीदने और भरण-पोषण पर करीब 2.12 करोड़ रुपये खर्च किए। इस तरह उनकी आय और खर्च में बड़ा अंतर मिला।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - प्रदेश में गर्मी का दौर शुरू, पांच जिलों में पारा 40 डिग्री के हुआ पार, 42.6 डिग्री के साथ यह जिला रहा सबसे गर्म
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - सीएम योगी बोले- स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बर व्यवहार कर सपा ने दिखाया वास्तविक चरित्र
विजिलेंस अधिकारियों ने इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद विजिलेंस ने शासन को जांच रिपोर्ट भेजकर एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी। शासन ने 23 फरवरी को अनुमति प्रदान की, जिसके बाद अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।