UP: परिषदीय शिक्षकों के तबादले में हड़कंप, दंपती परेशान, पहले किया आवेदन; अब करा रहे निरस्त
परिषदीय विद्यालयों में चल रही तबादला प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों में असमंजस की स्थिति है। विशेषकर शिक्षक दंपती नियमों को लेकर चिंतित हैं और कई लोग आवेदन वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे वरिष्ठ शिक्षक वरिष्ठता के आधार पर तबादले की मांग कर रहे हैं।
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प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के लिए इस समय तबादला प्रक्रिया चल रही है। किंतु इसमें काफी बाध्यता होने से शिक्षक ऊहापोह में हैं। सबसे ज्यादा परेशान शिक्षक दंपती हैं। यही वजह है कि उन्होंने पहले तो आवेदन कर दिया लेकिन अब जोर जुगाड़ करके अपना आवेदन वापस ले रहे हैं।तबादले में एक बिंदु यह है कि ऐसे शिक्षक जो पति-पत्नी दोनों विभाग में शिक्षक हैं तो इनके एक जगह तबादले किए जाएंगे लेकिन वहां जहां शिक्षक-छात्र अनुपात न्यून होगा।
शासनादेश में इसे लेकर काफी स्पष्टता थी लेकिन जब विभाग ने विस्तृत निर्देश जारी किया तो इसमें कुछ कमी रह गई। इसकी वजह से काफी संख्या में शिक्षक हर दिन बेसिक शिक्षा निदेशालय पहुंच रहे हैं। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि तबादले के नियम स्पष्ट हैं। शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार दंपती का तबादला किया जाएगा। तबादले के लिए सरप्लस शिक्षकों की सूची शनिवार को जारी होगी।
निदेशालय पर धरना देंगे वरिष्ठ शिक्षक
परिषदीय विद्यालयों में एक से दूसरे जिले में तबादले के लिए काफी समय से इंतजार कर रहे वरिष्ठ शिक्षकों का भी धैर्य जवाब दे रहा है। वे इसके लिए 22 जून सोमवार को दोपहर तीन बजे से बेसिक शिक्षा निदेशालय पर धरना देंगे। शिक्षक राजीव गौड़ ने कहा कि वर्तमान में बेसिक शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया चल रही है किंतु 10 से 15 साल से वरिष्ठ शिक्षकों को इसका लाभनहीं मिला है। उन्होंने वरिष्ठता के आधार पर प्रदेश में तबादले की मांग की।