यूपी: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर महंगा हो सकता है सफर, टोल ठेके की रकम 647 करोड़ रुपये तय; जानें अपडेट
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली का नया ठेका पहले साल के लिए न्यूनतम 647 करोड़ रुपये तय किया गया है। यह 2018 की शुरुआती राशि से करीब ढाई गुना है। दूसरे साल ठेका राशि में 10 प्रतिशत वृद्धि होगी। इससे भविष्य में एक्सप्रेसवे पर सफर महंगा होने की आशंका है।
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करीब 302 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को आने वाले समय में ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है। एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के नए ठेके के लिए यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पहले साल की न्यूनतम वार्षिक राशि 647 करोड़ रुपये तय की है। यह राशि 2018 में टोल वसूली शुरू होने के समय तय 274 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब ढाई गुना है। नए ठेके में दूसरे साल से देय राशि में 10 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रावधान भी है।
यूपीडा निविदा के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर दो मुख्य टोल प्लाजा और 15 रैंप प्लाजा से वसूली की जाएगी। ठेका दो साल के लिए होगा और जरूरत पड़ने पर इसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकेगा। नए टेंडर में पहले साल के लिए न्यूनतम राजस्व सीमा 647 करोड़ रुपये रखी गई है। दूसरे साल इस राशि में 10 फीसदी की वृद्धि होगी।
एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली 19 जनवरी 2018 से शुरू हुई थी। शुरुआती दौर में यूपीडा ने ठेके के लिए 274 करोड़ रुपये की वार्षिक राशि तय की थी। वर्ष 2020 में सहकार ग्लोबल लिमिटेड को पहले साल के लिए 402.39 करोड़ रुपये का ठेका मिला। दूसरे साल 10 फीसदी वृद्धि के बाद यह राशि करीब 442.63 करोड़ रुपये हो गई।
इसके बाद नवंबर 2024 में हुई वित्तीय बोली में श्री साईं एंटरप्राइजेज की 555.67 करोड़ रुपये की बोली सबसे अधिक रही। इस ठेके में भी दूसरे साल 10 फीसदी वृद्धि का प्रावधान था। इस हिसाब से दूसरे साल की रकम करीब 611.24 करोड़ रुपये बैठती है।
नए टेंडर में दो मुख्य टोल प्लाजा, 15 रैंप प्लाजा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ एक जंक्शन शामिल है। कुल 120 लेन पर टोल संचालन किया जाना है। इसके साथ 10 पेट्रोलिंग-कम-सेफ्टी वाहन भी तैनात करने होंगे।