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केंद्रीय करों से यूपी को मिलेंगे 12 हजार करोड़ ज्यादा

Thu, 02 Feb 2017 03:13 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 02 Feb 2017 03:13 AM IST
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UP to get 12 thousand crore more from central taxes.
- फोटो : amar ujala

केंद्र सरकार के बजट से प्रदेश को 12 हजार करोड़ रुपये का सीधा फायदा होने जा रहा है। केंद्रीय योजनाओं के आवंटन में की गई वृद्धि का अलग से फायदा भी प्रदेश को मिलेगा, लेकिन अभी तय नहीं है कि किस केंद्रीय योजना में प्रदेश का कितना आवंटन बढ़ेगा।

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वित्त विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि 2016-17 में केद्रीय करों की हिस्सेदारी के रूप में 1.09 लाख करोड़ रुपये प्रदेश को मिलने थे। केंद्र के करों में अच्छी वृद्धि हुई है। इस वजह से केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ गई है।
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2017-18 में प्रदेश को 1.21 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों की हिस्सेदारी से मिलेंगे। इस तरह करीब 12 हजार करोड़ रुपये का सीधा फायदा होगा। इसके अलावा केंद्र ने कई फ्लैगशिप योजनाओं में 20 फीसदी तक वृद्धि की है। प्रदेश का आवंटन भी इससे बढ़ना तय है।

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केंद्र ज्यादा कराएगा काम, प्रदेश पर बढ़ेगा भार

UP to get 12 thousand crore more from central taxes.

केंद्र सरकार ने अपनी फ्लैगशिप योजनाओं मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, नेशनल हेल्थ मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छ आजीविका मिशन, श्वेत क्रांति, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि के बजट में बड़ी वृद्धि का प्रस्ताव किया है।

अधिकारी ने बताया कि इसमें मनरेगा को छोड़कर ज्यादातर योजनाओं में केंद्र व प्रदेश की हिस्सेदारी 60: 40 तय है। मनरेगा में यह हिस्सेदारी 90:10 की है। अभी यह पता नहीं है कि अगले वित्त वर्ष में किस केंद्रीय योजना में प्रदेश की कितनी हिस्सेदारी होगी।

पर, यह तय है कि बजट आवंटन बढ़ने से प्रदेश का आवंटन भी बढ़ेगा। ऐसे में केंद्र जितना आवंटन बढ़ाएगा, प्रदेश को अपने संसाधनों से उसमें 40 फीसदी खर्च करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार केंद्रीय योजनाओं के इस फंडिंग पैटर्न को पहले ही सहमति दे चुकी है।

मनरेगा में आवंटन बढ़ा, पर यूपी का अभी 1,700 करोड़ बाकी

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केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए मनरेगा के बजट में 9,500 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया है। इससे प्रदेश का भी आवंटन बढ़ना तय माना जा रहा है। पर, प्रदेश को इस योजना के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष का ही करीब 1,700 करोड़ रुपये मिलना बाकी है। इसमें करीब 300 करोड़ रुपये की वह रकम बाकी है जिसके काम हो चुके हैं।

केंद्र ने मनरेगा के तहत यूपी को वित्त वर्ष 2016-17 में पिछले वर्ष की बकाया रकम के साथ 5,107.77 करोड़ रुपये का आवंटन तय किया था। इसमें करीब 1,192 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2015-16 का बाकी था।

केंद्र से टुकड़ों-टुकड़ों में प्रदेश को अब तक 3,411.95 करोड़ रुपये मिले हैं। प्रदेश को चालू वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित आवंटन में ही अभी करीब 1,695.82 करोड़ रुपये और चाहिए। इसमें 308 करोड़ रुपये का काम श्रमिक कर चुके हैं। इसका भुगतान होना बाकी है।

प्रदेश में 20 हजार तालाब तैयार

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वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत देश में पांच लाख तालाब बनाने का लक्ष्य था लेकिन मार्च 2017 तक 10 लाख तालाब तैयार कर लिए जाएंगे। सूबे में चालू वित्त वर्ष में करीब 24 हजार तालाब बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

अब तक करीब 20 हजार तैयार हो गए हैं। बाकी पर काम जारी है। 2017-18 में पांच लाख नए तालाब बनाने के प्रस्ताव से सूबे में और तालाब बनाने का लक्ष्य मिलना तय माना जा रहा है। इसका भी फायदा प्रदेश को मिलेगा।

सूबे में महिलाओं की भागीदारी 33 फीसदी
देश में मनरेगा के अंतर्गत महिलाओं की भागीदारी जरूर 55 फीसदी हो गई है। पर, यूपी में यह आंकड़ा करीब 33 फीसदी है। मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों में महिलाओं की संख्या 33.31 फीसदी है।

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