फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP to appoint Jeevan Doot

यूपी में तैयार किए जाएंगे ‘जीवन दूत’

Mon, 20 Jan 2014 09:02 AM IST
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 20 Jan 2014 09:02 AM IST
विज्ञापन
 UP to appoint Jeevan Doot

संजय गांधी पीजीआई में ट्रॉमा, आपदा या फिर अन्य किसी आपात काल से निपटने के लिए विशेषज्ञ इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर तैयार किए जाएंगे।

विज्ञापन


इन जीवन दूतों को नियुक्ति करने के लिए शासन से 120 करोड़ रुपये भी स्वीकृत कर दिए गए हैं।

ये कवायद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। जिसमें देश भर के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग खोलना अनिवार्य कर दिया गया है।

एम्स दिल्ली में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग चल रहा है जबकि, पीजीआई चंडीगढ़ और एसजीपीजीआई में विभाग शुरू करने के लिए कवायद चल रही है।

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने आपात कालीन चिकित्सा सेवाओं को सुधारने के लिए विशेषज्ञ इमरजेंसी मेडिसिन ऑफिसर तैयार करने की योजना बनाई थी।

इसी के तहत सभी चिकित्सा संस्थानों में पांच साल के अंदर इमरजेंसी मेडिसिन विभाग खोलने के निर्देश जारी किए गए थे।

इसमें इलाज के साथ ही मेडिकल स्टूडेंट को इमरजेंसी मेडिसिन में विशेषज्ञता देने की योजना भी बनाई गई। जिससे भविष्य में प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर तैयार हो सकें।
विज्ञापन


ये इमरजेंसी ऑफिसर सांप के जहर से मर रहे मरीज हो या फिर दिल के दौरे के कारण आने वाले मरीज, सभी का इलाज करने में सक्षम में होंगे।

इन विशेषज्ञों को ऐसे तैयार किया जाएगा कि वे सिर की चोट, इलेक्ट्रिक बर्न, अस्थमा अटैक, दुर्घटना, एलर्जी, किडनी फेल, लिवर फेल होने के कारण जान पर बन आने की स्थिति से भी ये मरीज को निकालने में सक्षम होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


200 बेड के इस विभाग में 40 बेड इमरजेंसी रिसीविंग स्टेशन के रूप में होंगे।

यहां पहुंचते ही मरीज को जरूरत के अनुसार इलाज मिलने लगेगा। विशेषज्ञों की मानें तो इमरजेंसी मेडिसिन विभाग खुलने से मरीज को प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज मिलेगा।

प्रशिक्षित चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सेस और अन्य स्टाफ होने से इमरजेंसी में आने वाले मरीज के लिए जरूरी ‘गोल्डेन ऑवर’ का ‘लॉस’ भी नहीं होगा। इससे मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।


पेंटागन स्टाइल का होगा भवन

इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के भवन को पेंटागन स्टाइल का बनाने की योजना है।यह भवन अभी संजय गांधी पीजीआई परिसर में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना भवन के पीछे स्थित खाली भूमि पर बनेगा।

सात मंजिले इस भवन में मरीज की रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी जांच से लेकर भर्ती करने की सुविधा होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed