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यूपी: हिजबुल से जुड़े तीन आतंकी गिरफ्तार, एटीएस ने यूपी-नेपाल के सोनौली बॉर्डर से दबोचा, मिला ये सामान
Fri, 05 Apr 2024 06:44 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 05 Apr 2024 06:44 AM IST
सार
Hizbul: यूपी एटीएस ने हिजबुल से जुड़े हुए तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो पाकिस्तानी और एक भारतीय पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड समेत कई आपत्तिनजक दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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यूपी एटीएस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूपी एटीएस ने यूपी-नेपाल के सोनौली बॉर्डर से हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकियों में मोहम्मद अल्ताफ भट पाकिस्तान के सादिकाबाद (रावल पिंडी) और सैय्यद गजनफर इरफानाबाद (इस्लामाबाद) का रहने वाला है। तीसरा नासिर अली जम्मू-कश्मीर के कराली पोरा हवल का रहने वाला है। उनके पास से दो पाकिस्तानी और एक भारतीय पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड समेत कई आपत्तिनजक दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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तीनों के खिलाफ लखनऊ स्थित एटीएस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों को बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां तीनों की छह दिन की रिमांड मंजूर की गई। तीनों संदिग्ध आतंकियों को मंगलवार की रात को सोनौली सीमा से पकड़ा गया था। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि एटीएस को कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि कुछ संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक आईएसआई की मदद से नेपाल के रास्ते भारत में घुसने वाले हैं।
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इनकी मंशा भारत में आतंकी घटना को अंजाम देने की है। इस खुफिया इनपुट के आधार पर एटीएस की गोरखपुर की फील्ड इकाई को सर्विलांस के जरिए पता चला कि भारत-नेपाल सीमा के तटवर्ती गांव शेख फरेंदा होते हुए गोपनीय रास्ते से तीनों भारत में प्रवेश करने वाले हैं। इसके बाद एटीएस की टीम ने जाल बिछाकर तीनों को सोनौली बॉर्डर पर ही दबोच लिया।
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आईएसआई के निर्देशन में हिजबुल के कैंप से लिया था जेहाद का प्रशिक्षण
पूछताछ में अल्ताफ भट ने बताया कि उनका जन्म जम्मू-कश्मीर में हुआ था और कारगिल युद्ध के बाद वह हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी के साथ जिहाद की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान चला गया था। उसने आईएसआई के निर्देशन में हिजबुल के मुज्जफराबाद कैंप में जेहाद का प्रशिक्षण लिया और काफी दिनों तक वहां रहकर काम भी किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसे नेपाल के रास्ते जम्मू-कश्मीर पहुंचने के निर्देश मिले थे। साथ ही कहा गया था कि वहां पहुंचने के बाद आगे का प्लान बताया जाएगा।
अल्ताफ ने बताया कि गजनफर के साथ जब वह काठमांडू पहुंचा तो उसे नासिर मिला। उसी ने दोनों को फर्जी भारतीय आधार कार्ड उपलब्ध कराए। नासिर ने ही शेख फरेंदा गांव से होकर भारत में प्रवेश का रास्ता भी बताया। जम्मू-कश्मीर के नासिर का संपर्क पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सलीम नामक व्यक्ति से था। सलीम ने ही नासिर को बताया था कि तुम्हारे मामू गजनफर के साथ एक व्यक्ति जा रहा है, जिसे तुम्हे जम्मू-कश्मीर पहुंचाना है।