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यूपी: प्रदेश को लगातार चौथी बार कार्यवाहक डीजीपी मिलने के आसार, प्रशांत कुमार सहित ये चार लोग रेस में
Sun, 28 Jan 2024 11:05 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 28 Jan 2024 11:05 PM IST
सार
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग को पूर्णकालिक डीजीपी के चयन का प्रस्ताव नहीं भेजा है, जिसकी वजह से एक बार फिर कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने के आसार हैं।
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यूपी डीजीपी विजय कुमार 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
डीजीपी विजय कुमार के 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद प्रदेश पुलिस में कई अहम फेरबदल होंगे। प्रदेश को लगातार चौथा कार्यवाहक डीजीपी मिलने के आसार हैं। इसके मुख्य दावेदारों में डीजी सीबीसीआईडी आनंद कुमार, डीजी कारागार एसएन साबत, डीजी भर्ती बोर्ड रेणुका मिश्रा और डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार शामिल हैं। बता दें कि इससे पहले डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा और विजय कुमार को लगातार कार्यवाहक डीजीपी बनाया जा चुका है। बीते 21 माह से प्रदेश पुलिस को कार्यवाहक डीजीपी से काम चलाना पड़ रहा है।
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31 जनवरी को डीजीपी विजय कुमार और डीजी मानवाधिकार एसके माथुर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। विजय कुमार विजिलेंस के डीजी भी हैं, लिहाजा उनके सेवानिवृत्त होने के बाद विजिलेंस को भी नया मुखिया मिलेगा। वहीं एडीजी कानून-व्यवस्था के पद पर भी नये अफसर की तैनाती होनी है। चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक तीन वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाया जाना है, जिसकी वजह से शीर्ष पदों पर तैनात कई आईपीएस अधिकारियों का तबादला होना तय माना जा रहा है।
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नहीं भेजा गया प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग को पूर्णकालिक डीजीपी के चयन का प्रस्ताव नहीं भेजा है, जिसकी वजह से एक बार फिर कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने के आसार हैं। सरकार अपने पसंदीदा अफसर को कार्यवाहक डीजीपी बना सकती है, जिसके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव संपन्न होगा। इस समीकरण में वरिष्ठता सूची में 19वें स्थान पर आने वाले डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का पलड़ा भारी माना जा रहा है। हालांकि मुकुल गोयल के बाद आनंद कुमार सबसे वरिष्ठ होने की वजह से दावेदार माने जा रहे हैं।
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वरिष्ठता को मिली थी प्राथमिकता
राज्य सरकार ने तीनों कार्यवाहक डीजीपी बनाने में वरिष्ठता को प्राथमिकता दी थी। आनंद कुमार के बाद वरिष्ठता सूची में शफी अहसान रिजवी, आदित्य मिश्रा, पीवी रामाशास्त्री, दलजीत सिंह चौधरी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं, जिनके वापसी के आसार नहीं दिख रहे। वहीं डीजी आशीष गुप्ता नियम एवं ग्रंथ, संदीप सालुंके मानवाधिकार और बिजय कुमार मौर्या होमगार्ड में तैनात हैं। वरिष्ठता सूची में दसवें स्थान पर आने वाली डीजी रेणुका मिश्रा को सरकार ने भर्ती बोर्ड की अहम जिम्मेदारी दे रखी है, जो उनकी दावेदारी को मजबूत बना रही है। हालांकि उनकी सेवानिवृत्ति में अभी लंबा वक्त बाकी है। वरिष्ठता सूची में 12वें स्थान पर डीजी जेल एसएन साबत हैं, जो भाजपा सरकार में प्रयागराज कुंभ का सकुशल आयोजन करा चुके हैं।
दो डीआईजी भी हो रहे सेवानिवृत्त
डीजीपी विजय कुमार और डीजी एसके माथुर के साथ 31 जनवरी को दो डीआईजी भी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इनमें डीआईजी इंटेलिजेंस लल्लन सिंह और डीआईजी पीटीसी राजकमल यादव शामिल हैं। वहीं एक फरवरी को एडीजी प्रशिक्षण तिलोत्तमा वर्मा और एडीजी विजिलेंस राजीव कृष्णा डीजी के पद पर प्रोन्नत हो जाएंगे।