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यूपी : शहरी गरीबों के लिए शेल्टर होम बनाने में अब नहीं होगा घालमेल, हर दिन भेजना होगा वहां रहने वालों का ब्योरा
Wed, 15 Sep 2021 08:13 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 15 Sep 2021 08:13 PM IST
सार
शेल्टर होम बनाने के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये के घालमेल होने की शिकायत शासन तक पहुंचती है। कई शहरों में सिर्फ कागजों पर ही शेल्टर होम बनाने की बात शासन के संज्ञान में आया है।
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शेल्टर होम (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य शहरी आजीविका मिशन के तहत बेघर शहरी गरीबों के लिए शेल्टर होम बनाने में निकायों के स्तर पर जारी घालमेल अब खत्म होगा। हर साल सर्दियों के मौसम में इन गरीबों को रात में आश्रय मुहैया कराने के लिए शुरू की गई इस योजना पर सरकार ने अब खुद ही निगरानी करने का फैसला किया है।
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गौरतलब है कि शेल्टर होम बनाने के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये के घालमेल होने की शिकायत शासन तक पहुंचती है। कई शहरों में सिर्फ कागजों पर ही शेल्टर होम बनाने की बात शासन के संज्ञान में आया है। वहीं, कई शेल्टर होम के संचालन में सरकारी धन के दुरुपयोग करने की बात कही जा रही है। यही नहीं, कई शहरों में बने शेल्टर होम पर कुछ खास अधिकारियों या उनके स्टाफ का कब्जा है। इसके मद्देनजर सरकार इन साल से शेल्टर होम बनाने से लेकर संचालन तक की व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया है। नगर विकास विभाग ने सभी निकायों को इस व्यवस्था की कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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तय मानक के मुताबिक उपलब्ध कराई जाएं सुविधाएं
नगर विकास विभाग ने सभी नगर निगमों को शेल्टर होम में तय मानक के मुताबिक सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वहां रहने वाले लाभार्थियों का रोज का ब्योरा ईमेल या एसएमएस से राज्य शहरी आजीविका मिशन मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। जहां से यह ब्योरा प्रतिदिन शासन को भेजा जाएगा। इसआधार पर शासन द्वारा शेल्टर होम में रहने वाले लोगों की रैंडम जांच कराई जाएगी।
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