फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Strict Law Against Deadly 'Chinese Manjha' Coming Soon; Includes Provisions for Victim Compensation—Know t

UP: घातक चीनी मांझे पर जल्द बनेगा सख्त कानून, पीड़ितों को मुआवजे का भी प्रावधान; जानें नया आदेश

Tue, 19 May 2026 08:17 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 19 May 2026 08:17 PM IST
सार

घातक चीनी मांझे पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार जल्द सख्त कानून लाएगी। नए कानून में निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध के साथ पीड़ितों को मुआवजे का प्रावधान भी होगा। हाईकोर्ट ने सरकार को कार्रवाई तेज करने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
UP: Strict Law Against Deadly 'Chinese Manjha' Coming Soon; Includes Provisions for Victim Compensation—Know t
हाईकोर्ट।

विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ को बताया है कि कांच के कणों से युक्त घातक चीनी मांझा के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए जल्द ही सख्त कानून लाया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा कि नए कानून में पीड़ितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी किया जाएगा। प्रस्तावित कानून का नाम ‘उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, बिक्री और उपयोग निषेध) अधिनियम’ रखा जा सकता है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पुलिस अधिनियम में आवश्यक संशोधन पर भी विचार चल रहा है। साथ ही, चीनी मांझा के खिलाफ हाल ही में विशेष अभियान भी चलाया गया था। 
विज्ञापन


यह जानकारी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई, जिसमें प्रदेश में चीनी मांझा के आयात, बिक्री और उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। राज्य सरकार की दलीलों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम पर विचार-विमर्श में तेजी लाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगली सुनवाई से पहले इसे ठोस रूप दिया जाए। अदालत ने कहा कि इस अवैध और खतरनाक प्रथा को रोकने के लिए लगातार और नियमित प्रयास जरूरी हैं। साथ ही, लोगों को मांझे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।

11 मई को हुई पिछली सुनवाई में पतंग और पारंपरिक सामग्री के व्यापारियों की ओर से हस्तक्षेपकर्ता अधिवक्ता एसएमएच रिजवी ने कहा था कि चीनी मांझा के खिलाफ अभियान की आड़ में गैर-हानिकारक पारंपरिक सामग्री भी जब्त की जा रही है और व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। 

इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि केवल अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और वैध व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पतंग और उससे संबंधित सामान बेचने वाले व्यापारियों को निरीक्षण और जांच में प्रशासन का सहयोग करना होगा।

पतंगबाजी के क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि प्रत्येक शहर में उन क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए जहां पतंगबाजी अधिक होती है। अदालत के अनुसार, ऐसे इलाकों में मांझे की बिक्री भी ज्यादा होने की संभावना रहती है, जिससे अवैध मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर निगरानी रखना आसान होगा। पीठ ने कहा कि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed