फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: State bureaucracy is out of control, even police officers don't answer MLAs' calls; issue raised in Assemb

यूपी: 'प्रदेश में बेलगाम हुई नौकरशाही, थानेदार तक नहीं उठाते विधायकों के फोन'; विधानसभा में उठा मुद्दा

Tue, 17 Feb 2026 08:18 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 17 Feb 2026 08:18 PM IST
सार

UP Assembly: यूपी विधानसभा में विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि इस सरकार में कार्यपालिका इतनी हावी हो गई है कि थानेदार तक विधायकों के फोन नहीं उठाते। 

विज्ञापन
UP: State bureaucracy is out of control, even police officers don't answer MLAs' calls; issue raised in Assemb
यूपी विधानसभा में उठा ये मुद्दा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 विधानसभा में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने नियम 301 के तहत विधायिका पर कार्यपालिका के हावी होने का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने सदन को बताया कि थानेदार तक विधायकों के फोन नहीं उठाते हैं और दलालों से गप करते रहते हैं।उन्होंने कहा कि कार्यपालिका पीठ के निर्देशों का पालन भी नहीं कर रही है। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। सपा सदस्यों और सरकार का पक्ष सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले को रिजर्व रखने और संसदीय कार्य मंत्री के साथ वार्ता कर जल्द व्यवस्था देने की बात कही।

विज्ञापन


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अधिकारी कॉल बैक करना भी मुनासिब नहीं समझते हैं। यदि वह किसी बैठक में हैं तो उचित माध्यम से संदेश भिजवा सकते हैं। इस बाबत कई शासनादेश भी जारी हुए, जिसकी वह परवाह नहीं करते हैं। सचेतक कमाल अख्तर ने कहा कि पीठ के निर्देश सर्वोपरि हैं। विपक्ष तो सरकार में नहीं होने पर संतोष कर लेता है, लेकिन मंत्रियों और सत्ता पक्ष के विधायकों का भी फोन नहीं उठता है। इसी वजह से मंत्रियों और विधायकों को धरने पर बैठना पड़ रहा है। भाजपा विधायक खुद बताते हैं कि डीएम, एसपी तो दूर की बात है, अब पटवारी भी फोन नहीं उठाता है। इस पर लगाम लगनी चाहिए। 
विज्ञापन


संग्राम सिंह ने कहा कि अधिकारी इतनी मनमानी पर उतर आए हैं कि हाईकोर्ट के फैसलों को भी पलटने का प्रयास करते हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि हावी होने का आरोप स्वीकार नहीं है। इसी सदन में 20 साल पुराने मामले में चार पुलिसकर्मियों को बुलाकर सजा दी गई थी। हालांकि जो अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं, सरकार उनके साथ नहीं है। ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी विधायकों का नंबर फीड करें और उन्हें कॉल बैक करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


खतरे की घंटी वाला नंबर हो
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि हो सकता है कि अधिकारी बीमार हो, छुट्टी पर हो या निलंबित हो। कुछ सुस्त, बदतमीज और बेईमान भी होते हैं। इससे निपटने के लिए एक ऐसा नंबर हो जिस पर बताया जा सके कि फलां अधिकारी को फोन करने पर वह उठा नहीं रहे हैं। इसे प्रदेश और जिला स्तर पर शुरू किया जाए, जो खतरे की घंटी बन सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed