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यूपी: उपचुनाव में कथित धांधली के सुबूत आयोग को सौंपेगी सपा, जुटाए जा रहे वीडियो, फोटो और शिकायती शपथपत्र

Mon, 25 Nov 2024 09:56 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 25 Nov 2024 09:56 PM IST
सार

UP by-election: यूपी की नौ सीटों पर हुए उपचुनाव में सपा ने प्रदेश सरकार पर धांधली के आरोप लगाए हैं। इस कथित धांधली से जुड़े सुबूत वह  चुनाव आयोग को भी सौंपेगी। 

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UP: SP will submit evidence of alleged rigging in by-elections to the Commission, videos, photos and complaint
अखिलेश यादव - फोटो : पीटीआई

विस्तार

 समाजवादी पार्टी उपचुनाव में कथित धांधली के सुबूत जल्द ही चुनाव आयोग को सौंपेगी। इसके लिए प्रदेश स्तर पर वीडियो, फोटो और शिकायती शपथपत्र जुटाए जा रहे हैं। इस काम में अनुभवी नेताओं की टीम लगाई गई है।

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सपा नेतृत्व ने उपचुनाव में सभी नौ सीटें जीतने का दावा किया था, लेकिन परिणाम उसकी अपेक्षा से एकदम विपरीत आए। मुस्लिम बहुल कुंदरकी सीट भी भाजपा ने उससे छीन ली। सपा के हाथ सिर्फ दो सीटें सीसामऊ और करहल ही आईं। सपा नेता लगातार कह रहे हैं कि पार्टी समर्थक मतदाताओं को पुलिस ने बूथ तक आने से रोका। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में वोटों की लूट की। पुलिस ने ईवीएम के बटन दबाकर फर्जी मतदान किया।
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जिन मतदाताओं को रोका गया, पार्टी उनसे शपथपत्र ले रही है। मतदान के दिन और उससे पहले पुलिस कार्रवाई के जो वीडियो बनाए गए थे, उन्हें भी इकट्ठा किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शीघ्र ही दिल्ली में चुनाव आयोग को यह सारे सुबूत सौंपे जाएंगे। पार्टी कोर्ट में जाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी कहना है कि गड़बड़ करने वाले अधिकारियों को सजा दिलवाने के लिए वे अदालत समेत हरसंभव विकल्प को अपनाएंगे।

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संभल घटना की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराई जाए: संजय सिंह

UP: SP will submit evidence of alleged rigging in by-elections to the Commission, videos, photos and complaint
आप सांसद संजय सिंह - फोटो : AAP

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह ने संभल में हुई हिंसा को प्रायोजित हिंसा करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह हिंसा भाजपा के उसी खेल का हिस्सा है, जिसमें प्रदेश के नौजवानों को धार्मिक आधार पर आपस में लड़ाया जा रहा है, जबकि पार्टी के बड़े नेता और उनके परिजन करोड़ों के धंधे कर रहे हैं।

संजय सिंह ने बयान जारी कर कहा कि संभल की हिंसा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान जनता की भलाई की बजाय धार्मिक ध्रुवीकरण पर है। प्रदेश सरकार सूबे की शांति और सुरक्षा से ज्यादा अपनी सत्ता बचाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा किसंभल में जो घटना हुई है, वह केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े साजिश का हिस्सा है।

संजय सिंह ने संभल घटना की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस तरह की विभाजनकारी राजनीति का विरोध करें और प्रदेश में शांति और विकास की दिशा में एकजुट होकर काम करें।

संभल दंगा प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित है: वंशराज दुबे

आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने संभल हिंसा को भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित दंगा बताया है। सोमवार को प्रदेश मुख्यालय पर प्रेसवार्ता में वंशराज दुबे ने कहा कि संभल में जो हिंसक घटना हुई है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। भाजपा प्रदेश में तनाव और हिंसा पैदा करके अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब भाजपा ने अपनी राजनीतिक फायदों के लिए इस तरह की हिंसा को बढ़ावा दिया हो। इससे पहले भी वह ऐसा कर चुकी है। भाजपा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के नौजवानों को बेरोजगारी और भटकाव के रास्ते पर धकेलना है।

सुप्रीम कोर्ट कराए संभल हिंसा की जांच: भाकपा
 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा और उपचुनावों में अपने पक्ष में परिणाम आने से उत्साहित भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए संभल में उकसावे की कार्यवाही की। इस घटना के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस घटना की जांच कराकर ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए। भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि स्थानीय अदालत में 19 नवंबर को वाद दाखिल हुआ, बिना दूसरे पक्ष को सुने उसी दिन कमीशन नियुक्त कर दिया गया। यह जल्दबाज़ी किन नियमों के तहत की गई। भाकपा के राज्य सचिव अरविन्दराज स्वरूप ने कहा कि प्रदेश सरकार की मशीनरी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय जांच कराए। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल बदला जाए और गहन जांच कर उन्हें सजा दिलाई जाए।

संभल हिंसा में सरकार सच छुपा रही: भाकपा माले

 भाकपा (माले) ने संभल में हुई हिंसा को प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित बताते हुए कहा है कि सरकार सच छुपा रही है। रविवार को संभल की शाही जामा मस्जिद के दूसरे सर्वे की शुरुआत में भड़काऊ नारे लगाए गए। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि लड़कों की मौत पुलिस की गोली से हुई है। पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने बयान जारी कर कहा कि मुस्लिमों सहित उनके उपासना स्थलों को एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है। माले नेता ने कहा कि प्रशासन की उकसावे वाली कार्रवाई से स्थिति संभालने के बजाय बिगड़ रही है। उन्होंने इस मामले में शीर्ष अदालत को तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही डीएम, एसपी सहित मंडलायुक्त को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की है।

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