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यूपी: संभल जाएगा सपा का प्रतिनिधिमंडल, माता प्रसाद पांडेय और लाल बिहारी यादव करेंगे अगुवाई

Tue, 26 Nov 2024 08:29 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 26 Nov 2024 08:29 AM IST
सार

 SP delegation will go sambhal: संभल हिंसा के बाद सपा का एक प्रतिनिधि मंडल वहां जाएगा। इस प्रतिनिधि मंडल की अध्यक्षता विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव करेंगे। 
 

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UP: SP delegation will go sambhal, Mata Prasad Pandey and Lal Bihari Yadav will lead
sambhal jama masjid case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सपा का एक प्रतिनिधिमंडल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव की अध्यक्षता में संभल जाएगा। इसमें सांसद जावेद अली, हरिंदर मलिक, रुचि वीरा, जिया उर रहमान बर्क व नीरज मौर्य और बरेली के जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप और मुरादाबाद के जिलाध्यक्ष जयवीर यादव शामिल रहेंगे। राज्यसभा सांसद जावेद अली ने बताया कि शीघ्र ही यह प्रतिनिधिमंडल संभल में जाकर लोगों के दुख-दर्द बांटेगा।

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डिप्टी सीएम ने कहा संयम बरतने की जरूरत 
 सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उपचुनाव में पराजय के दर्द से इतने आहत हैं कि अब संभल मामले में धैर्य और शांति की अपील करने के बजाय भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे बयान न केवल अनावश्यक हैं, बल्कि समाज में तनाव बढ़ाने का काम करते हैं। जिम्मेदार राजनीति का तकाजा है कि संयम बरता जाए।

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संभल हिंसा और मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार

UP: SP delegation will go sambhal, Mata Prasad Pandey and Lal Bihari Yadav will lead
sambhal jama masjid case - फोटो : अमर उजाला

 संभल में हुई हिंसा और तीन नागरिकों के लिए सामाजिक संगठनों ने प्रदेश की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पूरी घटना की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच की मांग की। रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शोएब ने ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद हो रहे सर्वे के दौरान हुई हिंसा और पुलिस की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर आनन फानन में की गई कार्रवाई कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि जिद और बदले की मानसिकता के चलते संभल में हिंसा हुई, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शुरू हो रहे संसद सत्र में अदाडी समूह रिश्वत मामले को लेकर उठने वाले सवालों को दबाने के लिए संभल जैसी घटनाओं की साजिश की गई है। उन्होंने सवाल किया कि 19 नवंबर 2024 को कोर्ट में दावा पेश करने के चंद घंटों बाद सर्वे का आदेश और उसी दिन सर्वे, सर्वे टीम के साथ पुलिस की घेराबंदी में नारेबाजी का वीडियो किसी सर्वे टीम का नहीं बल्कि राजनीतिक समर्थकों का हुजूम लग रहा था। रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि नागरिकों की हिंसा में मौत के बाद पुलिस का यह कहना कि उपद्रवियों द्वारा पुलिस पर की गई फायरिंग में ही तीन लोगों की जान गई है। उन्होंने अगर पुलिस ने गोली नहीं चलाई तो वायरल वीडियो में कहां की पुलिस फायरिंग और पत्थरबाजी कर रही है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि भविष्य बर्बाद होने की चेतावनी देने वाले पुलिस अधिकारियों ने अगर भविष्य के बारे में सोचा होता तो हिंसा नहीं होती।

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संभल की घटना सरकार का आपराधिक षड्यंत्र

UP: SP delegation will go sambhal, Mata Prasad Pandey and Lal Bihari Yadav will lead
संभल में बवाल - फोटो : अमर उजाला

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसआर दारापुरी ने संभल में पुलिस की कार्यवाही और 5 लोगों की मौत की निंदा की। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि पूरी घटना सरकार के आपराधिक षडयंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को बताना चाहिए कि जब न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को ही मस्जिद में सर्वे का काम हो चुका था तो 24 नवंबर को दोबारा सर्वे क्यों शुरू किया गया, पुलिस एक बड़ा हजूम लेकर मस्जिद में क्यों पहुंची ? उन्होंने कहा कि योगी सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों और समुदाय विशेष को निशाना बनाने में लगी हुई है। प्रदेश में हालत यह है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों को हल करने के बजाय उनके ऊपर भी मुकदमे कायम कर जेल भेजा जा रहा है। उपचुनाव में ही लोगों ने देखा है कि कैसे पुलिस प्रशासन समुदाय विशेष के लोगों को वोट तक डालने नहीं दे रहे थे और मतदान को प्रभावित किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट को सुनिश्चित करना चाहिए कि प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का उल्लंघन न हो।

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