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यूपी: बैंकों का लोन चुकाने में छोटे उद्यमी सबसे ईमानदार, बैंकों का सबसे कम एनपीए एमएसएमई सेक्टर में
Sun, 07 Jul 2024 09:46 AM IST
रोहित मिश्र
अभिषेक राज, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक राज, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 07 Jul 2024 09:46 AM IST
सार
Bank Loan for Business: लोन को लेकर अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड होने के बाद भी छोटे उद्यमियों की शिकायत है कि फाइल सरकार के स्तर से मंजूर होने के बाद भी सरकारी बैंक लोन देने में आनाकानी करते हैं।
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अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड होने के बाद बैंक लोन देने में सख्ती दिखाते हैं।
- फोटो : i stock
विस्तार
बैंक भले ही छोटे उद्यमियों को लोन देने में सबसे ज्यादा कंजूसी बरतते हों, लेकिन लोन चुकाने में छोटे उद्यमी ही सबसे ज्यादा ईमानदार हैं। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग) में बैंकों का एनपीए सबसे कम है।
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राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के मुताबिक प्रदेश में बैंकों की 98 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम एनपीए (नान परफार्मिंग एसेट्स) है। इसमें 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम प्राथमिकता सेक्टर, 32 हजार करोड़ रुपये कृषि और 15 हजार करोड़ रुपये एमएसएमई सेक्टर में फंसे हैं। प्राथमिकता सेक्टर में शिक्षा ऋण, अत्यंत छोटे उद्यम, फुटकर व्यापार, आवास ऋण और अन्य योजनाओं के तहत दिए जाने वाले सिक्योरिटी मुक्त लोन शामिल हैं।
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छोटे उद्यमियों की शिकायत है कि फाइल सरकार के स्तर से मंजूर होने के बाद भी सरकारी बैंक लोन देने में आनाकानी करते हैं। फाइलों में कोई न कोई कमी निकाल कर रिजेक्ट कर देते हैं। इस मामले में प्रदेश सरकार का रुख बेहद गंभीर और स्पष्ट है। बिना वाजिब कारण लोन न देने के मामलों की निगरानी की जा रही है। पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रदेश में बैंकों की वित्तीय स्थिति पर बैठक के दौरान ये बात सामने आई थी कि लाख प्रयासों के बावजूद सरकारी बैंकों का क्रेडिट डिपाजिट रेशियो (सीडीआर) 58 से ज्यादा नहीं पहुंच सका है। वहीं निजी बैंकों का सीडीआर 75 से 108 है। इसी से साफ है कि सरकारी बैंक लोन देने के मामले में निजी बैंकों की तुलना में काफी पीछे हैं।
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एमएसएमई सेक्टर को सबसे कम लोन
दिलचस्प बात ये है कि जिस एमएसएमई सेक्टर को लोन देने में बैंक सबसे ज्यादा संकीर्ण रवैया दिखाते हैं, उसी सेक्टर का लोन अदा करने के मामले में ट्रैक रिकार्ड सबसे अच्छा है। एसएलबीसी के मुताबिक प्राथमिकता सेक्टर के करीब 25 लाख लोगों को 5.78 लाख करोड़ रुपये लोन बैंकों ने दिया है। दूसरे नंबर पर कृषि सेक्टर के करीब 26 लाख लोगों को 2.31 लाख करोड़ रुपये का लोन बांटा गया है। एमएसएमई सेक्टर के 10 लाख उद्यमियों को बैंकों ने 2 लाख करोड़ का लोन दिया है। इनमें सबसे कम एनपीए (7.62 फीसदी) एमएसएमई सेक्टर का है। इससे दोगुना एनपीए (14.11 फीसदी) कृषि क्षेत्र का है।