यूपी एसआई परीक्षा: अवसर के अनुसार बदल जाने वाले के उत्तर में 'पंडित' शब्द का विकल्प, सोशल मीडिया पर हंगामा
Wrong question in SI exam: यूपीएसआई परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न पर विवाद हो गया। यह विवाद एक जाति को लेकर हुआ है।
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यूपी एसआई परीक्षा के पहले दिन एक प्रश्न ने सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा कर रखा है। दरअसल एक प्रश्न के उत्तर में एक जाति को शामिल कर दिया गया है। परीक्षा में पूछे गए इस प्रश्न में अवसर के अनुसार बदलने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन करना था। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे। इसमें चार विकल्पों में पहला है सदाचारी, दूसरा पंडित, तीसरा अवसरवादी और चौथा निष्कपट। तीन विकल्प तो किसी व्यक्ति के गुण या अवगुण के होते हैं लेकिन एक विकल्प एक जाति से जुड़ा हुआ था। इस प्रश्न पत्र के बाहर आते ही यह तेजी से वायरल हुआ।
सात लोगों पर हुई एफआईआर
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 परीक्षा में 5,31,765 अभ्यर्थी शामिल हुए। भर्ती परीक्षा की शुचिता भंग करने के प्रयास करने वाले सोशल मीडिया एकाउंट्स के खिलाफ लखनऊ में कुल सात केस दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ ने आगरा से एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। आरोपी फर्जी प्रश्न पत्र भेजकर अभ्यर्थियों से ठगी कर रहा था। मामले में एसटीएफ की तफ्तीश जारी है। मामले में और भी कार्रवाई हो सकती है।
भर्ती परीक्षा के एसटीएफ व अन्य एजेंसियां सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही हैं। इसी दौरान टेलीग्राम पर “यूपी एसआई यूपी पुलिस-2026”, “रिजल्ट पैनल प्राइवेट” और “यूपी एसआई परीक्षा प्रश्नपत्र-2026” नाम से चैनल चलाकर उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के संदेश प्रसारित किए जा रहे थे।
इस संबंध में थाना हुसैनगंज में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 व आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच करते हुए एसटीएफ ने आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र की इंजीनियर्स कॉलोनी से आयुष बघेल को गिरफ्तार किया। एसटीएफ के मुताबिक आरोपी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की बात फैलाकर टेलीग्राम पर फर्जी प्रश्न पत्र भेजता था और अभ्यर्थियों से रकम वसूल रहा था। रकम भी उसने ऑनलाइन अपने खाते में ली है। जिसके साक्ष्य एसटीएफ को मिले हैं। आरोपी आयुष स्नातक की पढ़ाई कर रहा है।
डिप्टी सीएम ने दी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न और उसके विकल्पों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि परीक्षा में किसी भी ऐसे प्रश्न या विकल्प का होना स्वीकार्य नहीं है, जिससे किसी समाज, जाति या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुँचती हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है।
शासन ने इस पूरे प्रकरण की तत्काल जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। ब्रजेश पाठक ने आश्वासन दिया है कि इस त्रुटि के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भाजपा नेता ने की हस्तक्षेप की मांग
उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर सवाल को लेकर एक तबके में आक्रोश है। भाजपा नेता अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।उनका कहना है कि इस सवाल को प्रश्न पत्र में होना साजिश लगता है, जिससे सरकार की छवि खराब हो सके और समाज में सदभाव बिगड़े। फिलहाल प्रकरण में अब तक विभागीय प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दरअसल परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र का एक पेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें सामान्य हिंदी के सेक्शन का प्रश्न संख्या तीन था... “अवसर के लिए बदल जाने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।” इसके विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी दिए गए थे। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। पंडित शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई।
विवादित प्रश्न को लेकर भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रश्न आना बेहद संवेदनशील है। इससे एक समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। इससे न सिर्फ परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा होता है बल्कि सरकार की छवि धूमिल करने और समाज में वैमनस्यता फैलाने का प्रयास प्रतीत हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि प्रकरण की गंभीरता से जांच हो। प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे भविष्य में ऐसा न हो।