यूपी: कल लखनऊ कोर्ट में पेश की जा सकती है श्रद्धा, दस दिन छकाने के बाद इस तरह चढ़ी पुलिस के हत्थे
Shraddha dubey: शिवा शर्मा के हत्या के मामले में मुख्य आरोप श्रद्धा दुबे 22 अक्तूबर को लखनऊ कोर्ट में पेश की जा सकती है। पुलिस के साथ वह बुधवार को नागपुर से रवाना हुई है।
विस्तार
कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे को मंगलवार को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी में साथ में उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को भी पकड़ा गया। लखनऊ पुलिस, एसटीएफ और नागपुर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में ये कार्रवाई की गई। तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड के लिए बुधवार को तीनों आरोपियों को नागपुर कोर्ट में पेश किया और उसके बाद उनको लेकर लखनऊ रवाना हुई। उधर नामजद आरोपी आमिर की भी गिरफ्तारी की चर्चा है लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
रात भर थाने में रखा, फिर कोर्ट में किया पेश
गिरफ्तारी के बाद की प्रक्रिया में काफी वक्त लगा। इस वजह से मंगलवार को पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के लिए कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। इसलिए रात को नागपुर के हुडकेश्वर थाने में तीनों को रखा। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे आरोपियों को में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस आरोपियों को लेकर रवाना हो सकी। पुलिस उनको लेकर बृहस्पतिवार सुबह तक लखनऊ पहुंच सकती है। यहां भी उनको कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
इस तरह से नागपुर पहुंची टीमें
पुलिस ने तीनों पर ईनाम घोषित कर गैर जमानती वारंट जारी कराया था। आरोपी पुलिस को कदम-कदम पर मात दे रहे थे। पुलिस के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी करना चुनौती बन गया था। इसलिए साथ में यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था। सोमवार रात आरोपियों की लोकेशन नागपुर की तरफ मिली। इसके बाद टीमें रवाना हुईं। ट्रेस करते-करते मंगलवार दोपहर लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने नागपुर पुलिस की मदद से प्रोजोन पॉम्स अपार्टमेंट, नागपुर के स्प्लेंडर-टू टॉवर के एस-2, 1103 नंबर फ्लैट में दबिश दी। फ्लैट में श्रद्धा दुबे, रश्मि और ड्राइवर दानिश मिले। पुलिस ने तत्काल तीनों की गिरफ्तारी की।
कई होटलों और लॉज में रुकी श्रद्धा दुबे
शातिर श्रद्धा दुबे ने पुलिस को दस दिनों तक छकाया। श्रद्धा अपनी बहन और ड्राइवर के साथ करीब 2200 किमी का सफर किया। होटलों व लॉज में ठहरीं। वह आगे आगे चल रही थीं और उनके पीछे-पीछे पुलिस खाक छानती रही। आठ से दस ऐसे ठिकाने हैं जहां से पुलिस के पहुंचने के पांच-छह घंटे पहले ही ये तीनों निकल जाते थे। यही वजह है कि पुलिस की नाकामी की कहानी बढ़ती गई। 11वें दिन जाकर पुलिस उस तक पहुंच सकी।
वारदात की रात यानी 9 अक्तूबर को श्रद्धा अपनी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के साथ घायल शिवा को लेकर केजीएमयू पहुंची थीं। फिर यहीं से वह निकल गई थी। लखनऊ से सीधे वह सीतापुर महमूदाबाद होते हुए बहराइच पहुंची। यहां रुपईडीहा बॉर्डर पार कर नेपाल में दाखिल हो गई थी। पुलिस के मुताबिक नेपाल के बुटवल में गई। यहां बिना आईडी वाले एक होटल में रुकी। तभी पुलिस को उसके नेपाल जाने की सूचना मिल गई थी।
कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड : कब क्या-क्या हुआ
- 9 अक्तूबर : हजरतगंज के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर अलीगंज निवासी कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
- 10 अक्तूबर : शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर हजरतगंज थाने में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, चालक तनवीर अली उर्फ दानिश, आदिल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
- 10 अक्तूबर : पुलिस की पड़ताल में श्रद्धा और उसके साथियों की गाड़ी के सीतापुर-लखीमपुर मार्ग से बहराइच के रुपईडीहा पहुंचने की जानकारी सामने आई। उनकी आखिरी लोकेशन सुबह करीब 6:20 बजे भारत-नेपाल सीमा के पास मिली थी। इसके बाद उनके नेपाल भागने की आशंका जताई गई।
- 13 अक्तूबर : डीसीपी मध्य ने तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस को बहराइच के रुपईडीहा इलाके में श्रद्धा की एसयूवी पार्किंग में खड़ी मिली।
- 15 अक्तूबर : सोशल मीडिया पर श्रद्धा के वीडियो सामने आए। उसने शिवा की मौत को आत्महत्या बताते हुए खुद को निर्दोष बताया। एक अन्य वीडियो में शिवा के कर्ज और जेवर ले जाने के दावे भी सामने आए।
- 16 अक्तूबर : पुलिस ने श्रद्धा और अन्य आरोपियों की तलाश में नेपाल पुलिस से मदद मांगी।
- 17 अक्तूबर : श्रद्धा दुबे, रश्मि और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। उसी दिन हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।
- 18 अक्तूबर : पुलिस ने फरार चालक दानिश के परिजनों से पूछताछ की। आरोपियों पर इनाम की राशि 25-25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई। उसी दिन डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया।
- 19 अक्तूबर : श्रद्धा की तलाश में पुलिस टीम रायबरेली स्थित उसके घर पहुंची और उसके पिता एसपी दुबे व सौतेली मां से पूछताछ की। श्रद्धा की गिरफ्तारी न होने पर एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी पद से हटा दिया गया।
- 20 अक्तूबर : लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर नागपुर से श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को गिरफ्तार किया।
- 21 अक्तूबर : श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को नागपुर कोर्ट में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने पर हजरतगंज पुलिस तीनों कोे लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई।
- 21 अक्तूबर : श्रद्धा का मित्र व मैनेजर नामजद आरोपी आदिल को भी यूपी एसटीएफ ने बुधवार दोपहर गिरफ्तार किया।