फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Shikshamitras are furious over SIR, strategy will be made on December 7, said- cannot do it for ten thousa

यूपी: एसआईआर को लेकर शिक्षामित्रों में उबाल, सात दिसंबर को बनेगी रणनीति, कहा- दस हजार में नहीं कर सकते

Fri, 28 Nov 2025 10:31 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 28 Nov 2025 10:31 PM IST
सार

SIR process in UP: यूपी में जारी एसआईआर की प्रक्रिया में शिक्षामित्रों से भी योगदान लिया जा रहा है। इस बात से शिक्षामित्रों में नाराजगी है। 

विज्ञापन
UP: Shikshamitras are furious over SIR, strategy will be made on December 7, said- cannot do it for ten thousa
एसआईआर की प्रक्रिया में शिक्षामित्र भी शामिल किए गए।

विस्तार

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 1.42 लाख शिक्षामित्रों को दिन प्रतिदिन नई-नई जिम्मेदारियां दी जा रही है। शिक्षामित्र एसआईआर के कार्य में लगे हैं। इसका अधिकांश कार्य फोन से किया जाना है। शिक्षामित्र मात्र 10000 मानदेय पाते हैं। ऐसे में वह एंड्रॉयड फोन की व्यवस्था कैसे करें। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने इस पर नाराजगी जताई है। 

विज्ञापन


साथ ही लंबित मांगों पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 7 दिसम्बर को लखनऊ में बैठक बुलाई है। इसमें प्रदेश के सभी प्रदेश, मंडल एवं जिला पदाधिकारीयों को बुलाया गया है। संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा कि अब 15 वर्ष से अधिक के असाक्षरों की गणना के कार्य की नई जिम्मेदारी शिक्षामित्र को दी जा रही है। जिसका पूरा कार्य मोबाइल ऐप के माध्यम से ही होगा। 
विज्ञापन


उन्होंने मांग की कि पहले शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि करें या कार्य हेतु समुचित संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। अन्यथा शिक्षामित्र शोषण को अब बर्दाश्त नहीं करेंगे और 7 दिसम्बर की बैठक में आवश्यक निर्णय लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षकों को जल्द चयन वेतनमान का दें लाभ
 परिषदीय विद्यालयों में दस वर्ष की संतोषजनक सेवा पर शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ देने का नियम है। शिक्षकों को यह लाभ तुरंत मिल सके इसके लिए दिसंबर 2024 को शासन ने पांच ऑनलाइन मॉड्यूल जारी किए गए। लेकिन अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते शिक्षक चयन वेतनमान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा है कि प्रदेश के 25 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐसे हैं जो चयन वेतनमान को लेकर लापरवाही बरत रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 50 हजार शिक्षक ऐसे हैं जो चयन वेतनमान का लाभ पाने से वंचित है। इससे शिक्षक काफी नाराज हैं। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को लाभ न मिलने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed