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UP: युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए हैंडलरों से बात कराता था शेख, जिहादी गतिविधियों के लिए कर रहा था तैयार
Tue, 02 Jun 2026 11:22 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:22 PM IST
सार
मोहम्मद शेख आईएसआई की भारतीय युवाओं को आतंकी बनाने की मुहिम से जुड़ा था। वह आजमगढ़ के संजरपुर में पिता की हार्डवेयर दुकान में काम करता था। मोबाइल का लती होने की वजह से वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आया।
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एटीएस द्वारा गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद शेख
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के इशारे पर एक महिला नेता की हत्या करने की साजिश रचने वाले आजमगढ़ के मोहम्मद शेख ने कई युवाओं को भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए तैयार कर लिया था। वह युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए उनकी अपने हैंडलरों और शहजाद भट्टी से बात भी कराता था।
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एटीएस उसके साथियों को तलाश रही है। कुछ युवकों को हिरासत में लेकर छानबीन जारी है। एटीएस ने मोहम्मद शेख को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में अर्जी दी है, जिस पर बुधवार को फैसला आने की उम्मीद है।
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सूत्रों के मुताबिक हाईस्कूल तक की पढ़ाई करने वाला शेख आजमगढ़ के संजरपुर में पिता की हार्डवेयर दुकान में काम करता था। मोबाइल का लती होने की वजह से वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आया। इसके बाद उसे शहजाद भट्टी के नेटवर्क में शामिल किया गया। वह शहजाद से अक्सर बात करता था, जिसने उसका परिचय आईएसआई के हैंडलरों से कराया। शेख के कट्टरपंथी होने का फायदा आईएसआई ने उठाते हुए उससे अन्य युवाओं को भी जोड़ने को कहा। उसे लाखों रुपये देने का लालच भी दिया।
आईएसआई के झांसे में आने पर वह सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी विचारधारा वाले मुस्लिम युवाओं से संपर्क करने लगा और उनके बारे में हैंडलरों को जानकारी भेजने लगा। वहीं, एटीएस यह पता लगा रही है कि उसके पास 9 एमएम की पिस्टल कहां से आई थी। उसे रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ में कई संवेदनशील जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।