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यूपी: प्रदेश में कफ सिरप को लेकर बदले नियम, अब केमिकल की भी होगी जांच; पांच साल से ऊपर ही दी जा सकेगी दवा
Tue, 07 Oct 2025 08:59 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 07 Oct 2025 08:59 PM IST
सार
Cough syrup in UP: कफ सिरप को लेकर देश भर में चल रही मिलावट की खबरों के बीच प्रदेश सरकार ने अब दवा बनाने वाले केमिकल की भी जांच करने के आदेश दिए हैं।
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कफ सिरप को लेकर फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
प्रदेश में अब दवा एवं सिरप बनाने में प्रयोग होने वाले केमिकल की भी औषधि निरीक्षक जांच कर सकेंगे। मिलावटी व नकली दवा मिलने पर औषधि निरीक्षक तत्काल संबंधित फर्म के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करा सकेंगे। अभी तक यह व्यवस्था नहीं थी। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डा. रोशन जैकब ने सभी औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिया है।
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मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट घोषित किया गया है। सोमवार से सभी औषधि निरीक्षकों को कफ सिरप की जांच के आदेश दिए गए हैं। मंगलवार को विभाग की आयुक्त डा. रोशन जैकब ने सभी औषधि निरीक्षकों को भेजे गए निर्देश में स्पष्ट किया है कि सभी निरीक्षक निरंतर जांच करते रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कफ सिरप का उपयोग अनुशंसित नहीं है। ऐसे में यह सुनिश्चित कराया जाए कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को सिरप न दिया जाए। मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर के पर्चे के कोई भी कफ सिरप नहीं बेचेंगे। बिना पर्चे के कफ सिरप बेचने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
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आयुक्त डा. रोशन जैकब ने यह भी निर्देश दिया है कि विभित्र औषधि फार्मूलेशन में सक्रिय अवयव के अलावा अन्य घटकों का भी प्रयोग किया जाता है, जिनमें अपमिश्रण होने के कारण भी संबंधित औषधि हानिकारक हो सकती है। ऐसे में कफ सिरप में प्रयोग होने वाले सक्रिय अवयवों ( एक्टिव इनग्रेडिएंट) की भी जांच की जाए। जहां पर कफ सिरप अथवा दवाएं बन रही हैं, उन निर्माणशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। औषधियों बनाने में प्रयोग होने वाले केमिकल के भी नमूने लिया जाए और उनका परीक्षण कराया जाए। इन केमिकल के क्रय अभिलेखों का भी परीक्षण किया जाए। आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी व्यक्ति अथवा फर्म द्वारा औषधियों में मिलावट अथवा नकली नाम व पता आदि से दवा की खरीद व बिक्री करता है तो उसके खिलाफ तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। कोई भी एक्सपायरी दवा की बिक्री न होने पाए।
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