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UP: राजस्व विभाग पुश्तैनी जमीन का उपलब्ध कराएगा नक्शा, जारी किया गया आदेश
Thu, 21 Aug 2025 08:55 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 21 Aug 2025 08:55 PM IST
सार
पुश्तैनी जमीन के बारे में जानकारी करना अब आसान होगा। अब राजस्व भू-मानचित्रों को नए सिरे से बनवाकर तहसीलों में रखवाया जाएगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पुश्तैनी जमीन के बारे में जानने के लिए अब राजस्व भू-मानचित्र पाना आसान होगा। अगर यह नष्ट हो गया है तो इसे नए सिरे से बनवाकर तहसीलों पर रखवाया जाएगा। आवेदन करने वालों को इसकी कापी उपलब्ध कराई जाएगी। आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद एसवीएस रंगाराव ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं।
इसमें कहा गया है कि तहसील और जिला स्तर पर राजस्व अभिलेखागार के साथ बंदोबस्त अधिकारी, सहायक अभिलेख अधिकारी कार्यालय में खोजबीन कराते हुए इसे संग्रहीत कर सुरक्षित किया जाएगा। भू-मानचित्र उपलब्ध न होने और जीर्ण-शीर्ण होने की स्थिति में इसके कारणों की जांच कराते हुए उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी। नष्ट होने या अनुपलब्ध होने की स्थिति की जानकारी राजस्व परिषद को दी जाएगी।
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जिन ग्रामों के भू-मानचित्र तहसील, जिला या फिर राजस्व परिषद स्तर पर भी उपलब्ध नहीं है, उसे प्राप्त करने के लिए निदेशक मुद्रण एवं लेखन सामग्री प्रयागराज से संपर्क किया जाएगा। उनके यहां से इसे प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। वहां भी भू-मानचित्र उपलब्ध न होने की स्थिति में संबंधित राजस्व ग्रामों के भू-मानचित्रों का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद इसे सुरक्षित रखा जाएगा और लोगों की ओर से मांग किए जाने पर इसे उपलब्ध कराया जाएगा।
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इसमें कहा गया है कि तहसील और जिला स्तर पर राजस्व अभिलेखागार के साथ बंदोबस्त अधिकारी, सहायक अभिलेख अधिकारी कार्यालय में खोजबीन कराते हुए इसे संग्रहीत कर सुरक्षित किया जाएगा। भू-मानचित्र उपलब्ध न होने और जीर्ण-शीर्ण होने की स्थिति में इसके कारणों की जांच कराते हुए उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी। नष्ट होने या अनुपलब्ध होने की स्थिति की जानकारी राजस्व परिषद को दी जाएगी।
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जिन ग्रामों के भू-मानचित्र तहसील, जिला या फिर राजस्व परिषद स्तर पर भी उपलब्ध नहीं है, उसे प्राप्त करने के लिए निदेशक मुद्रण एवं लेखन सामग्री प्रयागराज से संपर्क किया जाएगा। उनके यहां से इसे प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। वहां भी भू-मानचित्र उपलब्ध न होने की स्थिति में संबंधित राजस्व ग्रामों के भू-मानचित्रों का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद इसे सुरक्षित रखा जाएगा और लोगों की ओर से मांग किए जाने पर इसे उपलब्ध कराया जाएगा।