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यूपी : गंगा में बहकर आए 10 शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार, शवों पर नजर रख रही टीम

Thu, 03 Jun 2021 11:47 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 03 Jun 2021 11:47 PM IST
सार

गैर जनपदों से गंगा नदी के माध्यम से बह कर आ रहे शवों की दुर्गंध से गंगा घाटों पर महामारी फैलने की आशंका को देखते हुए काम शुरू कराया गया है।
 

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UP: Respectfully cremated 10 dead bodies that came in the Ganges, the team monitoring the dead bodies
नदी के किनारे बहकर आए शव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा नदी में बहते हुए शवों का सम्मानपूर्वक दाह संस्कार कराने के लिए गठित निगरानी समिति का काम शुरू हो गया है। अब तक 10 शवों का अंतिम संस्कार करवाया गया है। अधिशासी अधिकारी की निगरानी में समिति काम कर रही है। गैर जनपदों से गंगा नदी के माध्यम से बह कर आ रहे शवों की दुर्गंध से गंगा घाटों पर महामारी फैलने की आशंका को देखते हुए काम शुरू कराया गया है।

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एसडीएम ने एक सप्ताह पूर्व निगरानी समिति का गठन किया था। कोतवाली प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि बीते एक सप्ताह में 10 शवों का सम्मान पूर्वक दाह संस्कार कराया गया है। निगरानी समिति में नगर पंचायत अध्यक्ष ब्रजेश दत्त गौड़ को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वही नोडल अधिकारी ईओ अमित कुमार सिंह को बनाया गया है। इस निगरानी समिति में सफाई कर्मचारी, नाव चालक, सभासद, क्षेत्रीय पुलिस, राजस्व विभाग से क्षेत्रीय लेखपाल के साथ पीएसी के जवान तैनात को नियुक्त किया गया है। 
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गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गंगा नदी में गैर जनपदों से शव बहकर आने लगे हैं। गत बुधवार को गंगा नदी में तीन शव बहते हुए कस्बे वासियों ने देखा। इसी बीच इसकी भनक प्रशासन को लग गई, जिसके चलते स्नान घाटों के किनारे पाए गए दो शव को बाहर निकालकर उसका अंतिम संस्कार कराया गया। गंगा नदी में बह रहे शवों की खोजबीन करने के लिए नगर पंचायत के कर्मचारियों द्वारा स्ट्रीमर के जरिए शवों को खोजने के लिए लगा दी। एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि जो भी शव बहते पाए जाते हैं। दाह संस्कार निगरानी समिति के माध्यम से सफाई कर्मचारियों के द्वारा कराए जा रहे हैं।
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रालपुर में भी गंगा में बहते शव का कराया अंतिम संस्कार
रालपुर गंगा घाट का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर शव दिखने लगे हैं। रालपुर गंगा घाट एक शव बहता दिखाई दिया। मौके पर पहुंचे आरक्षी अनुज शुक्ला, रजनीश व प्रधान पति कमलेश यादव, राजस्व लेखपाल मनीष ने शव को कब्जे मे लेकर दाह संस्कार कराया। कोतवाल अनिल सिंह का कहना है कि  रालपुर गंगा के घाट पर पुलिस मुस्तैद है। यदि बक्सर की तरफ से कोई भी शव बहता दिखाई देगा तो उसका अंतिम संस्कार कराया जाएगा।

स्टीमर से हो रही गंगा नदी में बहकर आने वाले शवों की निगरानी 

पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के बाद गंगा नदी में पानी का बहाव तेज होते ही लाशें बहती दिखाई देने लगीं हैं। इससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। शवों की निगरानी के लिए नगर पंचायत डलमऊ ने स्टीमर लगा दिया है। इसमें चार सफाई कर्मी के साथ क्षेत्रीय लेखपाल लगाए गए हैं। यहीं नहीं इलाकाई पुलिस के साथ एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। नदी में शव दिखाई पड़ने पर सफाई कर्मी उसके किनारे लाएंगे और फिर विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पिछले पांच दिन से गंगा का जलस्तर बढ़कर एक मीटर तक पहुंच गया था। पानी का बहाव तेज हुआ तो कई लाशें बहकर आती दिखाईं दी। 31 मई को दो लाशें, जबकि पहली जून को तीन लाशें नदी में बहकर आती दिखीं। नगर पंचायत कर्मियों और पुलिस ने इन शवों को डलमऊ में गंगा किनारे लाकर अंतिम संस्कार कराया। गंगा का पानी तो स्थिर हो गया है, लेकिन पांच शव मिलने के बाद से जिला प्रशासन और नगर पंचायत डलमऊ पूरी तरह से सतर्क हैं। 

निगरानी समिति का गठन इसलिए किया गया, ताकि कोई शव आने पर उसका अंतिम संस्कार कराया जा सके।  नगर पंचायत ने डलमऊ गंगा नदी में एक स्टीमर लगा रखा है। इसमें चार सफाई कर्मी, क्षेत्रीय लेखपाल बारी-बारी से 24 घंटे शवों की निगरानी कर रहे हैं। इस टीम पर न सिर्फ जिला प्रशासन, बल्कि नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेशदत्त गौड़, ईओ अमित कुमार सिंह नजर रख रहे हैं। यही नहीं क्षेत्रीय पुलिस के साथ निगरानी के लिए एक प्लाटून पीएसी लगाई गई है।

महामारी फैलने की आशंका पर गठित की गई समिति
एसडीएम विजय कुमार और निगरानी समिति के नोडल अधिकारी प्रतीत त्रिपाठी ने बताया कि गैर जनपदों से बहकर आने वाले शवों की दुर्गंध से गंगाघाटों पर महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसी वजह से निगरानी समिति बनाई गई है। इसमें अधिकारियों के साथ जनता से सहयोग अपेक्षित है। जो भी शव बहकर आते हैं, उनका दाह संस्कार निगरानी समिति के माध्यम से कराया जाता है।

पुलिस के साथ पीएसी तैनात : श्लोक कुमार
एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि निगरानी समिति की सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय पुलिस बल के साथ एक प्लाटून पीएसी लगाई गई है, ताकि नदी में शवों की निगरानी के दौरान किसी कर्मचारी में असुरक्षा की भावना न उत्पन्न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और पीएसी बराबर निगरानी कर रही है।

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