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UP: डीजीपी को सौंपी गई फतेहपुर के विवादित मकबरे पर उपद्रव की रिपोर्ट, दोषियों पर होगी कार्रवाई
Mon, 18 Aug 2025 09:44 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 18 Aug 2025 09:44 PM IST
सार
रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद इसे गृह विभाग को भेजा जाएगा जिस पर सीएम के निर्देश पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। मामले में स्थानीय नेताओं, संगठनों की भूमिका सामने आई है और पुलिस अफसरों की लापरवाही का भी जिक्र है।
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यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
फतेहपुर में विवादित मकबरे को लेकर हुए बवाल की रिपोर्ट डीजीपी मुख्यालय को सौंप दी गई है। परीक्षण के बाद रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर होगा। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में हिंदूवादी संगठनों, स्थानीय नेताओं के साथ प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की लापरवाही का जिक्र है।
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बता दें, शासन ने मकबरे में 11 अगस्त को हुए बवाल के मामले की जांच का जिम्मा प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और आईजी रेंज प्रयागराज अजय मिश्रा को सौंपा था। दोनों ने करीब छह दिन तक घटनास्थल का मौका मुआयना करने के साथ सभी पक्षों और अधिकारियों के बयान दर्ज किए, जिसके बाद 80 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में मकबरा की जमीन गाटा संख्या 753 का जिक्र कर राष्ट्रीय संपत्ति बताया गया है। इसका मालिकाना हक उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज होने का उल्लेख है।
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रिपोर्ट में गाटा संख्या 1159 का भी जिक्र है जिसके छठवें नंबर पर ठाकुर जी विराजमान मंदिर का ब्योरा दर्ज है। रिपोर्ट में इसे लेकर विवाद होने का उल्लेख भी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछली सरकारों द्वारा इस मामले में कोर्ट के किसी भी फैसले के खिलाफ अपील नहीं की। वहीं 11 अगस्त को डाक बंगले से लेकर मकबरे तक पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की। विवाद की जानकारी के बावजूद दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला सुलझाया नहीं गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बवाल होने के बाद काफी देर बाद मौके पर पहुंचे थे।