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UP: नई तबादला नीति में पति-पत्नी व दिव्यांगों को राहत, मनचाही तैनाती को मिलेगी प्राथमिकता
Thu, 16 Apr 2026 09:31 PM IST
Akash Dwivedi
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Thu, 16 Apr 2026 09:31 PM IST
सार
नई तबादला नीति में पति-पत्नी और दिव्यांग कर्मचारियों को मनचाही तैनाती में प्राथमिकता मिलेगी। तीन साल जिले और सात साल मंडल में सेवा पूरी करने वालों का तबादला होगा। दिव्यांगों को राहत दी जाएगी और संदिग्ध कर्मियों को संवेदनशील पदों से दूर रखा जाएगा।
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : AI
विस्तार
राज्य सरकार की नई तबादला नीति में पति-पत्नी और दिव्यांगों को मानचाही तैनाती के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। जिले में तीन साल और मंडल में सात साल की सेवा पूरी करने वालों को स्थानांतरित किया जाएगा। एक ही पटल पर वर्षों से कार्यरत कर्मियों को हटा कर दूसरे स्थान पर भेजा जाएगा।
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उच्चाधिकारियों की बैठक में नई तबादला नीति पर सहमति बन गई है और कैबिनेट में प्रस्ताव इसी माह लाने की तैयारी है। प्रस्तावित तबादला नीति में विभागाध्यक्षों को तबादले के लिए एक माह का समय दिए जाने पर सहमति बनी है। पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर यथासंभव एक ही जिले में उनका तबादला किया जाएगा।
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मंदित, चलने में लाचार और पूरी तरह से दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की तैनाती उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर करने का प्रस्ताव है। दिव्यांग कर्मी और जिनके आश्रित परिवारीजन 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं, उनको स्थानांतरण से मुक्त रखा जाएगा।
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संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले कर्मियों की तैनाती संवेदनशील पदों पर न करने का प्रस्ताव है। समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनाती न देने पर सहमति बनी है। ऐसे अधिकारियों का पद अगर मंडल स्तर का है तो उसे उसके मंडल में भी तैनात नहीं किया जाएगा।