UP: इस दिन आम जनता के लिए खुलेगा 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल', अभी फ्री रहेगा प्रवेश; दो महीने बाद लगेगा पैसा
लखनऊ के बसंतकुंज में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल को सोमवार से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। शुरुआती दो महीने प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। यहां अटल बिहारी वाजपेयी, दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भव्य प्रतिमाएं और आधुनिक म्यूजियम आकर्षण का केंद्र हैं।
विस्तार
लखनऊ में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पण होने के बाद अब बसंतकुंज योजना में बना राष्ट्र प्रेरणा स्थल सोमवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इन तीन दिनों में आयोजन की सुरक्षा को लेकर की गई गई बैरिकेडिंग और टेंट आदि हटाया जाएगा। ताकि यहां आने वालें को किसी तरह की असुविधा न हो। प्रवेश नि:शुल्क रहेगा मगर दो महीने के अंदर यहां पर शुल्क लगने लगेगा।
पुराने शहर में पड़ने वाली एलडीए की बसंतकुंज योजना में 65 एकड़ में फैले राष्ट्र प्रेरणा स्थल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 65 फीट ऊंची कांस्य की प्रतिमाएं भी लगी हैं। इनकी खासियत है कि रात के समय हर दिन अलग-अलग कपड़े पहने दिखेंगे।
ऐसा लगेगा कि जैसे यह रोज इनके कपड़े बदले जा रहे हैं। यह सब लाइट प्रोजेक्शन सिस्टम के जरिए किया गया है। इन प्रतिमाओं में पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है। इन्होंने ने ही दुनिया की सबसे ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी निर्माण कराया था। वहीं, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने किया है।
डेढ़ सौ करोड़ के कार्पस फंड से होगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल का रखरखाव
बसंतकुंज योजना में 65 एकड़ क्षेत्रफल में बनाए गए राष्ट्र प्रेरणा स्थल के रखरखाव में कोई समस्या न आई उसके लिए 150 करोड़ रुपये का कार्पस फंड बनाया जा रहा है। इसको लेकर एलडीए की ओर से शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।
जो पैसा आएगा वह बैंक में जमा किया जाएगा और उससे जो ब्याज आएगा उसको रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि कार्पस फंड के जरिए रखरखाव की यह व्यवस्था जनेश्वर मिश्र पार्क सहित कई अन्य बड़े पार्कों में चल रही है।
म्यूजियम में दिखेगा सजीव चित्रण
प्रेरणा स्थल में बने म्यूजियम में तीनों महान विभूतियों के जीवन से जुड़ी सभी संस्मरणों को प्रदर्शित किया गया है। जिसमें उनके पूरे जीवन के संघर्ष और उपलब्धियों को दर्शाया चित्रों और म्यूरल्स के जरिए दर्शाया गया है।
म्यूजियम ब्लॉक लगभग 98000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बना है। इसमें वीवीआईपी व जन सामान्य के लिए दो गेट हैं। पांच 05 गैलरी हैं, जिनमें महान विभूतियों की फोटो, स्टोन म्यूरल्स के साथ ही डिजिटल पैनल पर लाइव ऑडियो-वीडियो विजुअल्स प्रदर्शित किए जाएंगे।
कितना होगा टिकट तय करेगी संचालन समिति
राष्ट्र प्रेरणा स्थल में प्रवेश का कितना टिकट रखा जाएगा और म्यूजियम का टिकट अलग होगा या प्रवेश शुल्क के साथ ही होगा यह सब इसको लेकर शासन की ओर से बनाई गई उच्च स्तरीय संचालन समिति तय करेगा। जानकारों का कहना है कि संभव है कि प्राणि उद्यान की तर्ज पर प्रवेश शुल्क और म्यूजियम का शुल्क अलग-अलग रखा जाए ताकि जो म्यूजियम में न जाना चाहे उसको अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े।
फैक्ट फाइल
- आयोजन स्थल पर तीन हैलीपैड हैं
- यह स्थल ग्रीन कॉरिडोर से जुड़ा है ऐसे में आवागमन आसान है
- निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ
- ग्वालियर का मार्बल लगाया गया है
- करीब दो लाख लोगों की बैठने की क्षमता वाला मैदान है
- ऊंचा और सबसे बड़ा पक्का मंच है
- मंच के आगे 3000 लोगों की क्षमता का एम्फीथिएटर है।
- मंच तक पहुंचने के लिए हाईड्रोलिक सीढ़ी है।
- लोकार्पण 25 दिसंबर 2025 में हुआ