बायो एथनॉल से चलाएं यूपी रोडवेज की बसें : नितिन गडकरी
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यूपी रोडवेज की बसों को बायो एथनॉल से चलाना चाहिए। यहां की चीनी मिलों से इतना एथनॉल निकल सकता है कि यूपी की सभी बसें उससे चल सकती हैं। ये बातें सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कही।
वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चतुर्थ भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, इससे प्रदेश में डीजल की समस्या का समाधान होगा। साथ ही किसानों को गन्ना मूल्य के भुगतान की समस्या भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
गड़करी ने कहा कि 118 बायोडायजेस्टर से गंगा की सफाई की जा रही है। इससे मिथेन और मिथेन से बायो सीएनजी बना रहे है। इस तरह निकली बायो सीएनजी से यूपी रोडवेज की दस हजार बसें चल सकती हैं।
इससे प्रदूषण भी कम होगा और सरकार को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि देश में प्रति वर्ष 8000 लाख करोड़ का क्रूड ऑयल आयात होता है। इसने आर्थिक समस्या खड़ी कर दी है। इससे निपटने के लिए वैज्ञानिक और संस्थान इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करें। क्योंकि देश के विकास के लिए अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी आवश्यक है।
बायोफ्यूल को लेकर नीति बना रही सरकार
गडकरी ने कहा कि देश में हर साल करीब 30 हजार करोड़ रुपये का विमान ईंधन आयात किया जाता है। इससे विमानन कंपनियां बेहद परेशान हैं। पिछले दिनों बायो फ्यूल से देहरादून से दिल्ली तक विमान उड़ाने का प्रयोग सफल रहा है। उन्होंने कहा, ग्रामीण व आदिवासी इलाकों में पर्याप्त मात्रा में रतनजोत, मोह, साल व करज उपलब्ध है, इससे सस्ता विमान ईंधन का निर्माण कर सकते हैं। सरकार आदिवासी व ग्रामीण क्षेत्रों में इससे 50 रुपये प्रति लीटर की दर से बायो फ्यूल बनाने की नीति बना रही है।