यूपी प्राइमरी स्कूल: इस वजह नहीं हुए हैं इन चार जिलों में अध्यापकों के तबादले, शासन ने दी सफाई; उठे थे सवाल
इस मामले में निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कहा कि जब सामान्य तबादले की प्रक्रिया शुरू की गई थी तभी यह स्पष्ट किया गया था कि अगर किसी जिले में शिक्षक-छात्र अनुपात प्रभावित होगा तो वहां के शिक्षकों को तबादला नहीं दिया जाएगा।
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शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने के लिए चल रही कवायद के बीच प्रदेश के 15 जिलों में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इनमें से बेसिक शिक्षा विभाग ने 11 जिलों का तो डाटा जारी कर दिया है, लेकिन चार जिलों को लेकर ऊहापोह की स्थिति थी। अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक-छात्र अनुपात न बिगड़े, इसलिए इन चार जिलों में तबादले नहीं किए गए।
प्रदेश में करीब दो साल बाद एक से दूसरे जिले में सामान्य तबादले की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन, शिक्षकों की अपेक्षा के विपरीत सिर्फ 15 जिलों में ही तबादले की वैकेंसी जारी की गई थी। यानी इन 15 जिलों में जहां शिक्षकों की जरूरत थी। इसके लिए सभी जिलों से शिक्षक आवेदन कर सकते थे। हाल में विभाग ने बताया कि 11 जिलों में 543 शिक्षकों को तबादला मिला है।
श्रावस्ती में किसी ने तबादला नहीं मिला। पर, बांदा, हमीरपुर, जालौन व ललितपुर के तबादलों पर विभाग ने मौन साध लिया था। इसे लेकर शिक्षक विभाग की मंशा पर सवाल उठा रहे थे। विभाग का कहना है कि जालौन व ललितपुर में काफी संख्या में शिक्षकों के आवेदन हुए थे। अगर इन सभी के तबादले कर दिए जाते तो संबंधित जिलों में शिक्षक-छात्र अनुपात प्रभावित होता। हालांकि, शिक्षकों को विभाग की यह बात इसलिए नहीं पच रही है कि इन जिलों में कुछ शिक्षकों के तबादले तो किए ही जा सकते थे।
इस पर विभाग के निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कहा कि जब सामान्य तबादले की प्रक्रिया शुरू की गई थी। तभी यह स्पष्ट किया गया था कि अगर किसी जिले में शिक्षक-छात्र अनुपात प्रभावित होगा तो वहां के शिक्षकों को तबादला नहीं दिया जाएगा। इन चार जिलों में जहां से शिक्षक आ रहे थे, वहां का शिक्षक-छात्र अनुपात प्रभावित होता। इसीलिए यहां किसी का तबादला नहीं किया गया। श्रावस्ती में किसी शिक्षक ने स्वेच्छा से तबादला नहीं लिया है।
24 तक कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा
विभाग ने एक से दूसरे जिले में तबादला पाए शिक्षकों को अनिवार्य रूप से 24 जून तक कार्यमुक्त व कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। अगर किसी के खिलाफ कोई जांच चल रही है तो उसे कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक जिस जिले में तबादला पाए हैं, वहां वह शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे होंगे। उनसे इसके लिए शपथपत्र भी लिया जाएगा।
शिक्षामित्रों का डाटा अपडेट करने के निर्देश
शिक्षकों के साथ ही जल्द शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया शुरू होनी है। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी बीएसए को शिक्षामित्रों का डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया है। इसमें उनका नाम, पहली तैनाती वाले विद्यालय, कार्यरत विद्यालय, जन्मतिथि आदि की जानकारी देनी है। अगर इसमें किसी तरह की कोई कमी मिलती है तो बीएसए इसके लिए जिम्मेदार होंगे। बीएसए इससे संबंधित एक प्रमाण पत्र भी देंगे।