यूपी: विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी जल्द; निर्वाचन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग जल्द शुरू होगी। निर्वाचन अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एफएलसी में राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जाएगी।
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आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में ईवीएम-वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। एफएलसी की प्रक्रिया निर्धारित मानकों और पूरी पारदर्शिता के साथ कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके हर चरण की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जाएगी और उनकी सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।
निर्वाचन अधिकारियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
एफएलसी में तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और एफएलसी सुपरवाइजरों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
लखनऊ में सुल्तानपुर रोड स्थित रूपाम (डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक कार्यशाला चल रही है। इसमें सात मंडलों-लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या और देवीपाटन के 33 जिलों के निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए हैं।
गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी में भी हो चुका प्रशिक्षण
अधिकारियों के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर में 21 और वाराणसी में 21 जिलों के अधिकारियों को एफएलसी से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण का उद्देश्य एफएलसी के दौरान तकनीकी मानकों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का एकरूपता के साथ पालन सुनिश्चित करना है।
राजनीतिक दलों की सहभागिता में होगी एफएलसी
ईवीएम-वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रक्रिया के प्रत्येक चरण से अवगत कराया जाएगा। निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की उपस्थिति में अधिकारियों को एफएलसी की प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव के लिए ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी को महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है।