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UP: रिचार्ज के दो घंटे के भीतर नहीं आई बिजली, पॉवर कॉर्पोरेशन पर लगा सात लाख जुर्माना; आयोग का बड़ा फैसला

Sat, 06 Jun 2026 08:00 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 06 Jun 2026 08:00 AM IST
सार

स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज के बाद निर्धारित समय में बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर विद्युत निगम पर 7.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जांच में सेवा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।

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UP: Power not restored within two hours of recharge; Power Corporation fined ₹7 lakh; Commission's major decis
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

स्मार्ट प्रीपेड मीटर रिचार्ज के दो घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर पॉवर काॅर्पोरेशन पर 7.18 लाख का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि आयोग में 15 दिन के अंदर जमा करनी होगी। यह फैसला उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह की दो सदस्यीय पीठ ने सुनाया है।

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प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत माइनस बिलिंग होने पर बिजली आपूर्ति अपने आप बंद हो जाती है। नियमानुसार रिचार्ज करने पर आपूर्ति दो घंटे के भीतर शुरू होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 
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राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर प्रभावित 1.93 लाख उपभोक्ताओं को मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस पर आयोग ने कटने वाले कनेक्शन और जुड़ने वाले कनेक्शन से संबंधित तभी दस्तावेज तलब किए। जांच में सामने आया कि 13, 14, 16, 17, 18, 23, 25, 28 मार्च तथा 2 एवं 7 अप्रैल 2026 को निर्धारित सेवा मानकों का पालन नहीं हुआ। 

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95 फीसदी अनुपालन अनिवार्य

अनुपालन स्तर घटकर 77 फीसदी पहुंच गया, जबकि न्यूनतम 95 फीसदी अनुपालन अनिवार्य है। जवाब में कॉर्पोरेशन ने स्वयं स्वीकार किया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति निर्धारित समय सीमा में बहाल नहीं हो सकी। 


इस पर आयोग ने प्रति उल्लंघन एक लाख रुपये और प्रत्येक दिन की देरी पर अतिरिक्त छह हजार रुपये को शामिल करते हुए 7.18 लाख का जुर्माना लगाया है। आयोग ने पॉवर  कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक से 15 दिनों में विस्तृत जवाब तलब किया है।

उपभोक्ताओं को मुआवजे की मांग

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का दावा है कि किसी राज्य के नियामक आयोग द्वारा डिस्कॉम पर इतनी बड़ा जुर्माना लगाने का यह पहला मामला है। 193143 उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।
 

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