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यूपी: पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी के हिसाब से मिलेगा प्रशिक्षण, पद के अनुरूप तैयार किए जाएंगे ट्रेनिंग कोर्स

Sun, 27 Sep 2026 08:58 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 27 Sep 2026 08:58 AM IST
सार

यूपी में पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब उनके पद के अनुरूप ट्रेनिंग कोर्स तैयार किए जाएंगे। इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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UP police personnel will receive training based on their responsibilities
पुलिस प्रशिक्षण। (सांकेतिक) - फोटो : पीआरओ

विस्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस में अब अलग-अलग पदों की जिम्मेदारियों के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। यह कवायद संबंधित जिम्मेदारी के लिहाज से पुलिसकर्मियों को पारंगत बनाना है। इन पाठ्यक्रमों को केंद्र सरकार के एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण (आईजीओटी) पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण निदेशालय को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस संबंध में प्रशिक्षण निदेशालय ने सभी संबंधित इकाइयों और अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

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निर्देश के मुताबिक अगर कमिश्नरेट, जोन, रेंज या राज्य स्तरीय इकाई प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करना चाहती है तो उसे प्रभारी अधिकारी के माध्यम से प्रशिक्षण निदेशालय को प्रस्ताव भेजना होगा। प्रस्ताव में पाठ्यक्रम का विषय, संक्षिप्त विवरण और संबंधित पद के लिए उसकी उपयोगिता बतानी होगी। पाठ्यक्रम तैयार करने से पहले प्रशिक्षण निदेशालय की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी।
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पाठ्यक्रम की अवधि कम से कम 20 मिनट और अधिकतम 60 मिनट रखने के निर्देश दिए गए हैं। पहले विषय विशेषज्ञों की मदद से प्रस्तुतीकरण तैयार कराया जाएगा। इसकी गुणवत्ता की समीक्षा के बाद प्रत्येक स्लाइड के लिए बोलने की सामग्री भी तैयार की जाएगी। पाठ्यक्रम में तथ्यात्मक और कानूनी गलतियां न हों, इसका विशेष ध्यान रखना होगा।

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अंग्रेजी शब्दों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा

पाठ्यक्रम हिंदी में तैयार किए जाएंगे। हालांकि जरूरत के अनुसार प्रचलित और सरल अंग्रेजी शब्दों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। जरूरत पर फोटो और वीडियो भी शामिल किए जा सकेंगे। प्रत्येक पाठ्यक्रम के अंत में कम से कम 10 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रशिक्षण निदेशालय और संबंधित इकाई की संयुक्त समीक्षा के बाद संशोधित सामग्री के आधार पर वीडियो तैयार कराया जाएगा। संबंधित अधिकारी की मंजूरी के बाद इसे आईजीओटी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

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