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पीएफ घोटाले में बड़ा खुलासा, पीके गुप्ता के बेटे ने निभाई थी ब्रोकर की भूमिका

Mon, 11 Nov 2019 10:38 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 11 Nov 2019 10:38 AM IST
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up pf scam big revealing PK Gupta son played role of a broker
रिमांड पर लिए गए आरोपी। - फोटो : amar ujala
पावर कॉर्पोरेशन में हुए पीएफ घोटाले में यूपीपीसीएल के महाप्रबंधक और ट्रस्ट के सचिव रहे पीके गुप्ता के बेटे अभिनव गुप्ता ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) में निवेश कराने के लिए ब्रोकर की भूमिका निभाई थी। इस मामले में जांच कर रही एजेंसी ईओडब्ल्यू अभिनव को तलाश कर रही है। जो फिलहाल फरार है।
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 शुरुआती जांच में डीएचएफएल में निवेश के लिए ट्रस्ट के सचिव पीके गुप्ता और डीएचएफएल की साठगांठ सामने आई है। इसमें पीके गुप्ता के लड़के अभिनव ने डीएचएफएल से मोटा कमीशन लेकर यूपीपीसीएल से निवेश कराया था। 
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हालांकि जांच एजेंसी इस पूरे मामले में कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांच के दौरान पहले ही पता चल चुका है कि ब्रोकर फर्मों के माध्यम से जो निवेश किया गया उसमें अधिकतर ब्रोकर फर्मों का पूर्व में कोई अनुभव नहीं था और वह केवल यूपीपीसीएल के लिए काम कर रही थीं।
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डीएचएफएल के तत्कालीन एरिया मैनेजर से हुई पूछताछ
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने डीएचएफएल के तत्कालीन एरिया मैनेजर अमित प्रकाश को दफ्तर में बुलाकर लंबी पूछताछ की है। अमित प्रकाश ही ब्रोकर के माध्यम से यूपीपीसीएल के अधिकारियों से सीधे संपर्क में थे। निवेश को लेकर दिए गए कमीशन और संबंधित शर्तों के बारे ईओडब्ल्यू के अधिकारियों जानकारी ली गई है। साथ ही यूपीपीसीएल के दो और कर्मचारियों को ईओडब्ल्यू के मुख्यालय बुलाकर पूछताछ की गई है।

एपी मिश्रा को भेजा गया जेल

रविवार की सुबह 10 बजे यूपीपीसीएल के पूर्व एमडी एपी मिश्रा के रिमांड की मियाद पूरी हो गई। जिसके बाद उन्हें लखनऊ जेल में दाखिल करा दिया गया है। बीते 5 नवंबर को मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन उन्हें अदालत में पेश कर ईओडब्लयू ने तीन दिन के रिमांड पर लिया था।

दस्तावेजों का किया जा रहा विश्लेषण
ईओडब्ल्यू के डीआईजी हीरा लाल ने बताया कि अभी तक गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के बयानों और सर्च के दौरान मिले दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही जो भी बयान अभियुक्तों द्वारा दिए गए हैं और डीएचएलएफ के एरिया मैनेजर की ओर से दिए गए हैं, उनको सत्यापित कराया जा रहा है।
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