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यूपी पीसीएस परीक्षा विवाद: इस आयोग ने कही दो पालियों में परीक्षा कराने की बात, अभ्यर्थियों से मांगे गए सुझाव

Wed, 13 Nov 2024 06:49 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 13 Nov 2024 06:49 AM IST
सार

UP PCS exam controversy: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक और आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा दो दिन कराने के विरोध में प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन जारी है।

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UP PCS exam controversy: This commission had said that the exam would be conducted in two shifts, suggestions
लोक सेवा आयोग परीक्षा विवाद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रतियोगी छात्रों के चल रहे प्रदर्शन के बीच लोक सेवा आयोग ने कहा है कि बदलते समय की आवश्यकताओं के दृष्टिगत व्यवस्था व परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाता रहा है। यही नहीं अन्य आयोगों की बेस्ट प्रैक्टिसेज, विशेषज्ञों के सुझाव आदि के आधार पर भी आवश्यक बदलाव किए जाते हैं। प्रतियोगी छात्रों की सुविधा और परीक्षाओं की शुचिता को देखते हुए आवश्यक बदलाव किए गए हैं।

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आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि आयोग ने नॉर्मलाइजेशन का फॉर्मूला पारदर्शी तरीके से प्रतियोगी छात्रों के बीच रखा। जहां किसी एक विज्ञापन के सापेक्ष एक से अधिक दिन, पाली में परीक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं। वहां परीक्षा के मूल्यांकन के लिए प्रसामान्यीकरण (नार्मलाइजेशन) की प्रक्रिया अपनाया जाना आवश्यक है, जैसा कि देश के विभिन्न प्रतिष्ठित भर्ती निकायों, आयोगों में अपनाई जाती है।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नीट के लिए गठित राधाकृष्णन कमेटी ने भी दो पालियों में परीक्षा कराने की संस्तुति की है। वहीं पुलिस भर्ती परीक्षा भी कई पालियों में कराई गई। इस पूरी व्यवस्था में कम से कम मानव हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा रहा है। सब कुछ सिस्टम आधारित है। तकनीकी का प्रयोग कर व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। मूल्यांकन में रोल नंबर को फेक नंबर में बदलकर नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया की जाएगी। इससे किसी अभ्यर्थी का रोल नंबर मालूम नहीं चलेगा व मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरीके से पारदर्शी होगी।
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आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व में लागू स्केलिंग प्रणाली को छात्रों के आग्रह पर समाप्त किया गया है। वर्तमान आयोग ने इस व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है। पूर्व में पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा में एक पद के सापेक्ष में 13 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया जाता था। आयोग ने इसे बढ़ाकर 15 गुना कर दिया है ताकि अधिक अभ्यर्थियों को लाभ हो। इसके अलावा पूर्व में पीसीएस इंटरव्यू में एक पद के सापेक्ष दो अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया जाता था। अब एक पद के सापेक्ष तीन अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में बुलाया जा रहा है।

अभ्यर्थियों से आयोग ने मांगे सुझाव

UP PCS exam controversy: This commission had said that the exam would be conducted in two shifts, suggestions
प्रतियोगी छात्रों ने प्रदर्शन किया। - फोटो : अमर उजाला
आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि नार्मलाइजेशन के संदर्भ में आयोग, अभ्यर्थियों के सुझावों का स्वागत करता है। जिसको भी उसके संदर्भ में कोई सुधार-सुझाव हो, वह अभ्यर्थी दे सकते हैं। इसे विशेषज्ञों की समिति के समक्ष रखा जाएगा और शुचिता, गुणधर्मिता, अभ्यर्थियों के हित में आवश्यक होगा, उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता के लिए अभ्यर्थियों ने ही यह बात रखी थी कि स्व-वित्तपोषित विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं होने चाहिए। साथ ही साथ परीक्षा केंद्र जिला मुख्यालय से बहुत दूर नहीं होने चाहिए। अभ्यर्थियों की मांग के क्रम में ही यह निर्णय लिया गया है।

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को बनाया गया फूलप्रूफ

UP PCS exam controversy: This commission had said that the exam would be conducted in two shifts, suggestions
प्रतियोगी छात्रों ने प्रदर्शन किया। - फोटो : फोटो शिव त्रिपाठी

आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि आयोग की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को भी फूलप्रूफ बनाया गया है। शुचितापूर्ण मूल्यांकन के लिए कॉपियों पर रोल नंबर की जगह एक खास कोड होता है। इससे परीक्षक को यह नहीं पता चल पाता कि वह किसकी कॉपी जांच रहा है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि एक परीक्षक एक दिन में 25 से ज्यादा कॉपियां न जांचे। हर परीक्षक 25 कॉपियों का मूल्यांकन करने के बाद एक विशेषज्ञ, दूसरे विशेषज्ञ की कॉपियों को क्रॉस चेक करते हैं। इसके बाद मुख्य परीक्षक द्वारा चेककर प्रमाणित किया जाता है कि मूल्यांकित कॉपियां त्रुटि रहित और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकित है। 

शुचिता व गुणवत्तापूर्ण चयन प्रक्रिया से भर्ती संख्या बढ़ी

UP PCS exam controversy: This commission had said that the exam would be conducted in two shifts, suggestions
प्रतियोगी छात्रों ने प्रदर्शन किया। - फोटो : फोटो शिव त्रिपाठी

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में 13353 पद विज्ञापित किये गये, जिसके सापेक्ष 12244 पदों पर 31 मार्च 2023 तक चयन प्रकिया पूरी की गयी। जो विज्ञापित पदों का 91.70 प्रतिशत है। वहीं वर्ष 2023-24 में 5763 पद विज्ञापित किये गये, जिसके सापेक्ष 5686 पदों पर 31 मार्च 2024 तक चयन प्रकिया पूरी की गयी, जो विज्ञापित पदों का 98.66 प्रतिशत है। वर्तमान वर्ष 2024-25 में 6891 पद विज्ञापित किये गये, जिसके सापेक्ष अब तक 2792 पदों की चयन प्रकिया पूरी की गयी, जो विज्ञापित पदों का 40.57 प्रतिशत है। आयोग ने अप्रैल 2017 से नवंबर 2024 तक 67934 पदों की चयन प्रक्रिया पूरी की गयी, इसमें 46675 अभ्यर्थी चयनित हुए।

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