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यूपी: प्रदेश में एक अक्तूबर से होगी धान खरीद, खाद्य एवं रसद विभाग ने जारी की एमएसपी पर खरीद की समय सारिणी
Wed, 07 Aug 2024 07:30 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 07 Aug 2024 07:30 PM IST
सार
Purchase of Paddy: यूपी में एक अक्टूबर से धान की खरीद हो सकेगी। धान व चावल के गुणवत्ता परीक्षण के लिए उपकरण की व्यवस्था 15 सितंबर तक पश्चिमी यूपी और 15 अक्तूबर तक पूर्वी यूपी के जिलों में हो जाएगी।
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धान की खरीद।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत एक अक्तूबर से पश्चिमी यूपी और एक नवंबर से पूर्वी यूपी के जिलों में किसानों से सीधे धान की खरीद शुरू करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग ने इस संबंध में समय सारिणी जारी कर दी है। प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद आलोक कुमार ने बताया कि ई-टेंडर के माध्यम से हैंडलिंग ठेकेदारों की नियुक्ति, परिवहन के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति पश्चिमी यूपी के जिलों में 25 अगस्त और पूर्वी यूपी के जिलों में 31 अगस्त तक कर ली जाएगी। धान व चावल के गुणवत्ता परीक्षण के लिए उपकरण की व्यवस्था 15 सितंबर तक पश्चिमी यूपी और 15 अक्तूबर तक पूर्वी यूपी के जिलों में हो जाएगी।
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चीनी के निर्यात की अनुमति देने की मांग
रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कौशल विकास व उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने केंद्रीय मंत्री उपभोक्ता मामले खाद व सार्वजनिक वितरण विभाग प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर चीनी के निर्यात की अनुमति देने की मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि पत्र में भारतीय चीनी और जैव-ऊर्जा निर्माता संघ ने आगामी मौसम 2024-25 के लिए लगभग 333 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा है कि घरेलू जरूरतों को देखते हुए लगभग 290 लाख टन की पूर्ति के बाद 133 लाख टन चीनी उपलब्ध होगी।
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यह 55 लाख टन के मानक चीनी भंडार से काफी अधिक है। चीनी की अधिशेष उपलब्धता घरेलू चीनी बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इससे चीनी की कीमतों में गिरावट आ सकती है। वहीं, अधिशेष भंडार चीनी मिलों पर इसके भंडारण लागत के कारण एक अतिरिक्त बोझ भी होगा। इसलिए चीनी के निर्यात की अनुमति देने का सही समय है। क्योंकि यह चीनी उद्योग के लिए एक वित्तीय बफर देगा। साथ ही किसानों के वर्तमान बकाया गन्ने के देनों का भुगतान भी कर सकेगा।
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