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UP: राजधानी में डेढ़ लाख से ज्यादा व्यावसायिक बिजली कनेक्शन, कौन करे एनओसी की जांच; विभागों में असमंजस

Tue, 14 Jul 2026 07:38 PM IST
Akash Dwivedi नरेश शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 14 Jul 2026 07:38 PM IST
सार

लखनऊ में 1.52 लाख से अधिक व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों की एनओसी जांच को लेकर विभागों में असमंजस है। बिजली विभाग और विद्युत सुरक्षा निदेशालय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। बिना प्रभावी जांच के अग्नि सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि लंबित कनेक्शनों की रिपोर्ट भी तलब की गई है।

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UP: Over 150,000 commercial electricity connections in the capital; who should verify NOCs? Departments are co
बिजली बिल के लिए नया नियम - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राजधानी में शहर से लेकर गांव तक करीब 1,52,500 व्यावसायिक बिजली कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं के पास विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी है या नहीं, इसकी जांच कैसे की जाए ये बड़ा सवाल है। एनओसी की जांच न तो बिजली महकमे के जिम्मेदार करते हैं और न विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अफसर।

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ऐसे में आए दिन हो रहे अग्निकांड पर अंकुश कैसे लगेगा, यह भी सवाल है। शहर के सभी प्रमुख बाजारों में होटल, रेस्टोरेंट, दुकान, शोरूम, मैरिज लॉन में व्यावसायिक बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें पांच किलोवाट से ज्यादा विद्युत लोड के 80 हजार कनेक्शन हैं। 
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पिछले पांच वर्ष से बिना एनओसी के व्यावसायिक बिजली कनेक्शन देने पर पाबंदी लगी हुई है। व्यावसायिक कनेक्शन की एनओसी का शुल्क चालान के रूप में भारतीय स्टेट बैंक में जमा करने प्रावधान है। यह शुल्क विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी के मद में जमा होता है। ऐसे में एनओसी की रेंडम जांच की जिम्मेदारी विद्युत सुरक्षा निदेशालय की बनती है।

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एनओसी का शुल्क

बिजली महकमे के इंजीनियरों ने बताया कि न्यूनतम एक किलोवाट तक के व्यावसायिक कनेक्शन के लिए एनओसी की अनिवार्यता है। निदेशालय ने एक किलोवाट के कनेक्शन के लिए एनओसी का शुल्क 200 रुपये तय किया है। इसके बाद प्रति किलोवाट 50 रुपये की दर से शुल्क बढ़ता जाता है। 

यदि आवेदक ने 10 किलोवाट के कनेक्शन के लिए आवेदन किया है तो उसे पहले किलोवाट के लिए 200 और शेष नौ किलोवाट के लिए 450 रुपये यानी कुल 650 रुपये एनओसी शुल्क जमा करना पड़ेगा। शुल्क जमा होने के सात दिन के भीतर पोर्टल पर एनओसी अपलोड कर दिया जाता है।

लंबित कनेक्शन की मांगी रिपोर्ट मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम, गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंताओं से सोमवार को एनओसी के चलते लंबित बिजली कनेक्शनों की रिपोर्ट मांगी है। पूछा है कि ऐसे कितने आवेदक हैं जिनको एनओसी नहीं देने के कारण कनेक्शन जारी नहीं किए गए।

 

 

जो शुल्क लेता है, जांच उसकी जिम्मेदारी

मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों के मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय ही शुल्क लेकर एनओसी जारी करता है। ऐसे में एनओसी के रेंडम जांच करने की जिम्मेदारी उन्हीं की है।

किस जोन में कितने उपभोक्ता

जोन    संख्या
लखनऊ मध्य 54,000
अमौसी 43,500
जानकीपुरम 30,000
गोमतीनगर 28,000
कुल 1,52,500



       






 
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