फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: "Order banning caste rallies must be fully complied with", important decision of High Court

UP: हाईकोर्ट का अहम फैसला- जातीय रैलियों पर रोक के आदेश का पूरा पालन हो, सामाजिक वैमनस्यता में आएगी कमी

Wed, 04 Feb 2026 12:17 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 04 Feb 2026 12:17 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने राजनीतिक जातीय रैलियों पर रोक के मामले पर कहा कि इसका प्रभावी पालन किया जाना चाहिए। इससे संबंधित नियम-कानूनों का सख्त पालन किया जाए।

विज्ञापन
UP: "Order banning caste rallies must be fully complied with", important decision of High Court
- फोटो : ANI

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा कि यूपी सरकार के जातीय रैलियों पर रोक के आदेश समेत संबंधित नियम-कानूनों का सख्त और प्रभावी पालन होना चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि बच्चो में अच्छे संस्कार डालना, जातीयता की समस्या का स्थाई समाधान है। इस निर्देश के साथ कोर्ट ने राजनीतिक जातीय रैलियों पर रोक के मामले में वर्ष 2013 में दाखिल जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह फैसला अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। याची ने प्रदेश में जातीय रैलियों पर रोक के निर्देश देने का आग्रह किया था। याची का कहना था कि वर्ष 2013 में आगामी चुनावों के मद्देनजर अंधाधुंध हो रही जातीय रैलियों से समाज में वैमनस्यता बढ़ रही थी। ऐसे में प्रदेश में चुनाव से पहले इन पर सख्त रोक लगाई जानी चाहिए। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - वोटरों की मदद के लिए हर बूथ पर रोज दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ, फॉर्म भरने में करेंगे मदद; उपलब्ध रहेंगे जरूरी प्रपत्र
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - बाढ़ को लेकर सीएम योगी ने दिए निर्देश, कहा- 23 जिलों में 37 तटबंध संवेदनशील; यहां न बरतें ढिलाई


दरअसल, पिछले साल एक अन्य मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने जातीय महिमा मंडन करने को संविधानिक नैतिकता का उल्लंघन करने वाला करार दिया था। साथ ही आपराधिक मामलों के दस्तावेजों में जाति लिखे जाने पर सख्त ऐतराज जताया था। इसके बाद उप्र सरकार ने सितंबर,2025 में जातीयता दर्ज न किए जाने का आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने इसी शासनादेश का सख्ती से प्रभावी पालन किए जाने का निर्देश देकर याचिका निस्तारित कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed