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यूपी : कोविड संविदाकर्मियों को एक माह का सेवा विस्तार, 31 मार्च को खत्म हो गया था कार्यकाल, प्रदेश भर में तैनात हैं 8951 कर्मी
Thu, 31 Mar 2022 08:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 31 Mar 2022 08:30 PM IST
सार
कोविड महामारी के दौरान प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में मैन पॉवर एजेंसी के जरिये कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इनमें नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सैंपल कलेक्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय व स्वीपर आदि शामिल हैं।
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कोविड अस्पताल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में कोविड की रोकथाम के लिए तैनात किए गए संविदाकर्मियों को एक माह का सेवा विस्तार मिल गया है। माह भर बाद कोविड की स्थिति की समीक्षा करने के बाद इनके भविष्य पर फैसला होगा। कोविड महामारी के दौरान प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में मैन पॉवर एजेंसी के जरिये कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इनमें नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सैंपल कलेक्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, वार्ड ब्वॉय व स्वीपर आदि शामिल हैं। इनकी संख्या 8951 है। इन सभी की तैनाती 31 मार्च, 2022 तक के लिए की गई थी।
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ऐसे में सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने मैन पॉवर एजेंसियों को कार्यकाल खत्म होने का निर्देश जारी कर दिया, लेकिन बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इनका कार्यकाल एक माह बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब ये सभी कर्मचारी 30 अप्रैल तक संबंधित अस्पताल में सेवा देंगे। महानिदेशक स्वास्थ्य, डॉ. वेदब्रत ने बताया कि इस संबंध में सभी सीएमओ को निर्देश दे दिए गए हैं।
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कोविड महामारी के दौरान जान की बाजी लगाकर कार्य करने वाले संविदाकर्मियों को अस्पतालों में खाली पदों पर समायोजित किया जाना चाहिए। इससे अस्पतालों को प्रशिक्षित कर्मचारी मिल जाएंगे और कर्मचारी बेरोजगारी से बच जाएंगे।
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- सच्चिदानंद मिश्रा, महामंत्री संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ।