{"_id":"67b15360dacd4b11ad0abb2c","slug":"up-officials-who-register-government-land-in-the-name-of-waqf-will-be-identified-report-sought-from-all-75-d-2025-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: सरकारी जमीन को वक्फ के नाम पर दर्ज करने वाले अधिकारी होंगे चिह्नित, 75 जिलाधिकारियों से मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: सरकारी जमीन को वक्फ के नाम पर दर्ज करने वाले अधिकारी होंगे चिह्नित, 75 जिलाधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
Sun, 16 Feb 2025 08:26 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 16 Feb 2025 08:26 AM IST
सार
Waqf property in UP: उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक जिलाधिकारियों ने अपने जिलों में उन सरकारी संपत्तियों की संख्या भेजी है, जो गलत ढंग से वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में वक्फ के तौर पर दर्ज हैं।
विज्ञापन
सभी जिलाधिकारियों से मांगी गई रिपोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में उन अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिन्होंने सरकारी संपत्तियों को वक्फ के नाम दर्ज किया। इस संबंध में सभी 75 जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। कब्जाई गई सभी सरकारी संपत्तियों का नाम, लोकेशन, क्षेत्रफल और गाटा संख्या भी भेजने के लिए कहा गया है। शासन के इस आदेश से अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
विज्ञापन
अपर मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि यूपी में कुल 57,792 सरकारी संपत्तियां हैं, जो वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों के रूप में दर्ज हैं। इनका कुल रकबा 11,712 एकड़ है। नियमानुसार इन संपत्तियों को वक्फ (दान) किया ही नहीं जा सकता था। ये संपत्तियां लगभग सभी जिलों में हैं। पर, वक्फ के नाम पर सबसे ज्यादा शाहजहांपुर, रामपुर, अयोध्या, जौनपुर व बरेली में सरकारी संपत्तियां कब्जाई गई हैं।
विज्ञापन
शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक अभी सभी जिलाधिकारियों ने अपने जिलों में उन सरकारी संपत्तियों की संख्या भेजी है, जो गलत ढंग से वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में वक्फ के तौर पर दर्ज हैं। अब शासन ने इन संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। साथ ही जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर से यह काम हुआ है, उनके नाम व पदनाम भी भेजने को कहा गया है। वर्तमान में वे सेवा में हैं या सेवानिवृत्त हो चुके हैं, यह भी पूछा हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट भी दे चुका है कड़ा आदेश
बता दें कि हाईकोर्ट इलाहाबाद ने भी 11 दिसंबर 2023 के आदेश में कहा है कि प्रदेश सरकार सीलबंद रिपोर्ट में ये आंकड़े अदालत के सामने प्रस्तुत करे कि यूपी के किस जिले में गलत ढंग से वक्फ के नाम सरकारी जमीनें दर्ज की गई हैं। यह भी कहा है कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को चिह्नित किया जाए और समयबद्ध ढंग से उन पर कार्रवाई की जाए।