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यूपी: अब प्रदेश के युवाओं को निजी सेक्टर में भी मिलेगा शानदार वेतन, बहुराष्ट्रीय कंपनियां देंगी बड़ा मौका
Tue, 06 May 2025 10:33 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 06 May 2025 10:33 PM IST
सार
UP Cabinet decision: यूपी के युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में अच्छा वेतन देने की तैयारी चल रही है। यूपी कैबिनेट ने इससे जुड़ा एक अहम प्रस्ताव आज पास किया।
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यूपी कैबिनेट की बैठक में फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र) की वैश्विक कंपनियों के साथ अब सेवा क्षेत्र की भी दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियां यूपी में आएंगी। इसके लिए कैबिनेट ने यूपी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, बीमा, हेल्थकेयर, ऑटोमोटिव, टेलीकॉम क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए आकर्षित करना है। इस क्षेत्र में बेहद शानदार वेतन मिलता है जिसका लाभ हर वर्ष न्यूनतम प्रदेश के दो लाख युवाओं को मिलेगा।
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प्रदेश में सेवा क्षेत्र यानी सर्विस सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 90 फीसदी नौकरियां अधिकतम 60 से 70 हजार रुपये महीना तक हैं, जबकि सर्विस सेक्टर में एक लाख से पांच लाख रुपये महीना सामान्य पैकेज है। इसे देखते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज को जीसीसी नीति के तहत सेवा क्षेत्र के गढ़ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका सीधा फायदा हर वर्ष विभिन्न संस्थानों से निकलने वाले 15 लाख युवाओं को मिलेगा। इनमें 60 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग व आईटी स्नातक होंगे। जीसीसी में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की इकाइयां, आईटी, अनुसंधान-डिजाइन, डाटा एनालिटिक्स और ग्राहक सहायता जैसी विशेष सेवाएं होंगी। इनमें एआई, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
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नीति की खासियत
- संचालन संबंधी सब्सिडी जैसे किराया, बैंडविड्थ, बिजली शुल्क और डाटा सेंटर के तौर पर 20% की सब्सिडी मिलेगी। शुरू में 40 करोड़ तक प्रतिवर्ष और फिर 80 करोड़ तक प्रतिवर्ष, पांच वर्षों तक।
- प्रदेश के कर्मचारियों के लिए 1.8 लाख और दूसरे राज्यों के कर्मचारियों के लिए 1.2 लाख प्रति वर्ष तक वेतन प्रतिपूर्ति। अधिकतम 20 करोड़ प्रतिवर्ष, तीन वर्षों के लिए।
- प्रदेशवासियों और यूपी के कॉलेजों से स्नातक प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 20 हजार रुपये, कम से कम 30 भर्तियों के साथ, पांच वर्षों तक प्रतिपूर्ति।
- महिलाओं, एससी/एसटी, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए ईपीएफ अंशदान की 100% प्रतिपूर्ति, अधिकतम 1 करोड़ प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- कम से कम दो माह की इंटर्नशिप पर 50% सब्सिडी, 5000 प्रति छात्र प्रतिमाह तक, अधिकतम 50 इंटर्न प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- 50,000 प्रति कर्मचारी प्रशिक्षण शुल्क या प्रशिक्षण लागत का 50%, अधिकतम 500 कर्मचारियों के लिए, 50 लाख प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- विकास एवं अनुसंधान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 10 करोड़ तक अनुदान।
- बौद्धिक संपदा अधिकार के घरेलू पेटेंट के लिए अधिकतम 5 लाख और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए 10 लाख तक की 100% प्रतिपूर्ति।
- राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण या अन्य राज्य एजेंसी से 30 से 50 फीसदी भूमि सब्सिडी।
- भूमि खरीद पर 100% स्टांप छूट या प्रतिपूर्ति।
- पात्र पूंजी निवेश का 25%, शुरू में 10 करोड़ और एडवांस के लिए 25 करोड़ तक, सात वर्षों में।
- पूंजीगत वस्तुओं पर राज्य जीएसटी की प्रतिपूर्ति
-टर्म लोन पर 5% ब्याज सब्सिडी, अधिकतम एक करोड़ प्रतिवर्ष, पांच वर्षों तक।
- प्रदेश के कर्मचारियों के लिए 1.8 लाख और दूसरे राज्यों के कर्मचारियों के लिए 1.2 लाख प्रति वर्ष तक वेतन प्रतिपूर्ति। अधिकतम 20 करोड़ प्रतिवर्ष, तीन वर्षों के लिए।
- प्रदेशवासियों और यूपी के कॉलेजों से स्नातक प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 20 हजार रुपये, कम से कम 30 भर्तियों के साथ, पांच वर्षों तक प्रतिपूर्ति।
- महिलाओं, एससी/एसटी, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए ईपीएफ अंशदान की 100% प्रतिपूर्ति, अधिकतम 1 करोड़ प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- कम से कम दो माह की इंटर्नशिप पर 50% सब्सिडी, 5000 प्रति छात्र प्रतिमाह तक, अधिकतम 50 इंटर्न प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- 50,000 प्रति कर्मचारी प्रशिक्षण शुल्क या प्रशिक्षण लागत का 50%, अधिकतम 500 कर्मचारियों के लिए, 50 लाख प्रतिवर्ष, तीन वर्षों तक।
- विकास एवं अनुसंधान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 10 करोड़ तक अनुदान।
- बौद्धिक संपदा अधिकार के घरेलू पेटेंट के लिए अधिकतम 5 लाख और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए 10 लाख तक की 100% प्रतिपूर्ति।
- राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण या अन्य राज्य एजेंसी से 30 से 50 फीसदी भूमि सब्सिडी।
- भूमि खरीद पर 100% स्टांप छूट या प्रतिपूर्ति।
- पात्र पूंजी निवेश का 25%, शुरू में 10 करोड़ और एडवांस के लिए 25 करोड़ तक, सात वर्षों में।
- पूंजीगत वस्तुओं पर राज्य जीएसटी की प्रतिपूर्ति
-टर्म लोन पर 5% ब्याज सब्सिडी, अधिकतम एक करोड़ प्रतिवर्ष, पांच वर्षों तक।