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यूपी : जेलों में इलेक्ट्रानिक उपकरणों के प्रयोग पर अब तीन से पांच साल की सजा, पहले थी अधिकतम छह माह की सजा

Fri, 01 Oct 2021 09:41 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 01 Oct 2021 09:41 AM IST
सार

जेल में मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर, व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल अब संज्ञेय व गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आ गया है।

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UP: Now the punishment of three to five years for the use of electronic devices in jails, was earlier the maximum sentence of six months
तिहाड़ जेल - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश की जेलों में बंदी अनुशासन के लिए प्रिजंस एक्ट 1894 के प्रावधानों में संशोधन को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। जेल में मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर, व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल अब संज्ञेय व गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आ गया है। नए प्रावधान में इलेक्ट्रानिक उपकरणों के इस्तेमाल पर 3 से 5 साल की कठोर सजा और 20 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा। पहले यह सजा अधिकतम 6 माह की थी और जुर्माना 200 रुपये का था।

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डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि इसका ड्राफ्ट दो साल पहले तैयार किया गया था। सेंट्रल एक्ट होने के कारण इसमें संशोधन के लिए प्रदेश के दोनों सदनों से पास होने के बाद केंद्र से मंजूरी मिलना जरूरी था। केंद्र अब इस एक्ट को मंजूरी दे दी है। इसके बाद यह कानून प्रदेश में लागू हो गया है। गृह विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि नए प्रावधान से अब जेलों में इनके उपयोग पर अंकुश लगेगा।

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