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यूपी : अब कॉमर्शियल यात्री वाहनों को ट्रैक करना होगा आसान, लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस बताएगी वाहन की लोकेशन और रूट
Thu, 15 Jul 2021 08:41 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 15 Jul 2021 08:41 AM IST
सार
इसके लिए परिवहन विभाग बस, रेडियो टैक्सी, कैब समेत लगभग चार लाख वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैंकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाने की तैयारी कर रहा है। डिवाइस के लगने से वाहन की लोकेशन ट्रैस करना आसान हो जाएगा।
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टैक्सी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अब प्रदेश में कॉमर्शियल यात्री वाहनों को भी ट्रैक करना आसान हो जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग बस, रेडियो टैक्सी, कैब समेत लगभग चार लाख वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैंकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाने की तैयारी कर रहा है। डिवाइस के लगने से वाहन की लोकेशन ट्रैस करना आसान हो जाएगा, जिससे मुसीबत के समय पुलिस यात्रियों की मदद कर सकेगी। परिवहन आयुक्त धीरज साहू की निगरानी में अधिकारियों की टीम इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है। डिवाइस के लिए विभाग ने पोर्टल पर टेंडर मांगे हैं। इस डिवाइस की कीमत लगभग 4000 रुपये होगी।
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वाहनों की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के टेढ़ी कोठी स्थित मुख्यालय में कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया जाएगा। सेंटर में करीब 22 फीट की वीडियो वॉल बनाकर वाहनों की मॉनिटरिंग की जाएगी। वाहन में सीरियल नंबर के अनुसार डिवाइस लगायी जाएंगी। विभाग के मुताबिक डिवाइस वाहन विदेशी सेटेलाइट की पकड़ से दूर होंगे। क्योंकि यह डिवाइस सेना के वाहनों में कोडेड डिवाइस की तरह होगी। केंद्र सरकार ने ने भी एआईएस 140 कोड डिवाइस लगाने को मान्यता दी है। इसका डाटा इंडियन रीजनल नेवीगेशनल सेटेलाइट सिस्टम पर जाएगा। वहां से ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के सेटअप पर पहुंचेगा, जिसे व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफ ॉर्म कहा जाएगा।
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बस में लगेंगे बीस पैनिक बटन
बस में 20 पैनिक बटन लगाए जाएंगे। मुसीबत के समय पैनिक बटन दबाते ही काल पुलिस कमांड रूम 112 पर जाएगी, जिसके बाद करीबी मोबाइल वैन पर सूचना भेजकर तत्काल मदद पहुंचाई जाएगी। साथ ही डिवाइस यह भी बताएगी कि संबंधित वाहन का परमिट किस रूट का और सवारियां लेकर किस रूट पर जा रही है।
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पहले बसों में लगेगी डिवाइस
वाहन लोकेशन डिवाइस पहले चरण में सरकारी एवं निजी ऑपरेटरों की बसों में लगेगी। इसके बाद अन्य कॉमर्शियल यात्री वाहनों में लगाने का सिलसिला शुरू होगा। - प्रभात पांडेय, आरटीओ (आईटी सेल) परिवहन विभाग