{"_id":"61171e9133d00347cc381c5b","slug":"up-now-government-schools-will-make-children-digitally-literate-from-class-6-the-curriculum-will-change","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : अब सरकारी स्कूल कक्षा 6 से बच्चों को करेंगे डिजिटल साक्षर, बदलेगा पाठ्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : अब सरकारी स्कूल कक्षा 6 से बच्चों को करेंगे डिजिटल साक्षर, बदलेगा पाठ्यक्रम
Sat, 14 Aug 2021 07:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सचिन मुद्गल, लखनऊ
सचिन मुद्गल, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 14 Aug 2021 07:08 AM IST
सार
- सरकारी स्कूल ई-मेल करने से लेकर सी लैंग्वेज, जावा स्क्रिप्ट, एचटीएमल भी सिखाएंगे
- सत्र 2022-23 से शामिल होगा पाठ्यक्रम में
विज्ञापन
डिजिटल साक्षरता भी है जरूरी
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी में अब छठीं कक्षा से ही बच्चों को कोडिंग यानी कम्प्यूटर की भाषा सिखाई जाएगी। विद्यार्थियों को ई-मेल करना, फाइल बनाना, इंटरनेट के जरिये सूचना प्राप्त करना, पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री को इंटरनेट से डाउनलोड करना सहित अन्य कार्य सिखाए जाएंगे। इसके लिए पाठ्यक्रम में सत्र 2022-23 से डिजिटल लिट्रेसी (डिजिटल साक्षरता) को शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2022 के तहत यह योजना तैयार की है। इसके तहत राजकीय विद्यालयों में कक्षा 6 से कोडिंग (कम्प्यूटर की भाषा) को लागू उसे कक्षा 8 तक विस्तार दिया जाएगा। बच्चों को सी लैंग्वेज, सी प्लस प्लस, जावा स्क्रिप्ट, एचटीएमएल, सीेएसएस और पीएचपी सहित कोडिंग की अन्य भाषाओं का अध्ययन कराया जाएगा। कोडिंग के जरिये आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बौद्धिकता) सहित अन्य भाषा सीखी जा सकेगी।
विज्ञापन
हर स्कूल की अपनी वेबसाइट व डिजिटल क्लासरूम
माध्यमिक शिक्षा में तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए हर स्कूल की अपनी वेबसाइट होगी। सभी विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम व वर्चुअल लैब की व्यवस्था की जाएगी। सभी विद्यालयों में कम से कम एक कम्प्यूटर शिक्षक की नियुक्ति होगी। विद्यालय से जुड़े डाटा का हर स्तर पर प्रबंधन किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रतिभावान विद्यार्थियों को ओलंपियाड के लिए करेंगे तैयार
माध्यमिक शिक्षा विभाग की डिजिटल लिट्रेसी योजना के तहत प्रतिभावान विद्यार्थियों को बिहार के सुपर-30 की तरह नीट और जेईई की तैयारी के लिए विशेष तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न विषयों के बच्चों को ओलंपियाड में भाग लेने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जाएगा। कक्षा-11 व 12 के विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी रीडिंग प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। स्कूली शिक्षा में प्रत्येक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
इसके लिए 2021-22 में सर्वे और ट्रेड का निर्धारण किया जाएगा। 2022-23 से कक्षा 9 व 11 में दस दिन का इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। 2022-23 से व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विद्यालयों में चार व्यावसायिक ट्रेडों का विकल्प दिया जाएगा। इसमें एक ट्रेड के प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) से संबंधित ट्रेड का भी होगा।