UP News : कुलपति प्रो. तारिक मंसूर और साकेत मिश्रा विधान परिषद सदस्य बने, राज्यपाल ने प्रस्ताव किया मंजूर
विधान परिषद में मनोनीत कोटे के तीन पद 29 अप्रैल 2022 और तीन पद 27 मई 2022 से खाली हैं। परिषद सदस्यों के मनोनयन को लेकर भाजपा में करीब छह महीने तक लखनऊ से दिल्ली तक मंथन चला। लंबी मशक्कत के बाद आगामी नगरीय निकाय और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से छह सदस्यों के नामों पर सहमति बनी।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर और पूर्व कैबिनेट सचिव नृपेंद्र मिश्रा के बेटे साकेत मिश्रा सहित छह शिक्षा, वकालत, समाजसेवा से जुड़े छह लोगों को विधान परिषद सदस्य मनोनीत किया है। राज्यपाल ने मनोनीत कोटे के छह रिक्त पदों पर छह नए सदस्यों की नियुक्ति का प्रस्ताव सोमवार को मंजूर किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी।
विधान परिषद में मनोनीत कोटे के तीन पद 29 अप्रैल 2022 और तीन पद 27 मई 2022 से खाली हैं। परिषद सदस्यों के मनोनयन को लेकर भाजपा में करीब छह महीने तक लखनऊ से दिल्ली तक मंथन चला। लंबी मशक्कत के बाद आगामी नगरीय निकाय और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से छह सदस्यों के नामों पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अप्रैल को एएमयू के कुलपति डॉ. तारिक मंसूर, वित्तीय सलाहकार एवं पूर्व आईपीएस साकेत मिश्रा, भाजपा के ब्रज क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी, 2022 विधानसभा चुनाव में फुलपुर पवई से प्रत्याशी रहे एडवोकेट रामसूरत राजभर, वाराणसी में भाजपा के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष लालजी वर्मा को परिषद सदस्य मनोनीत करने का प्रस्ताव भेजा था। राज्यपाल ने प्रस्ताव का विधिक परीक्षण कराने के बाद प्रस्तावित सभी छह सदस्यों को परिषद सदस्य मनोनीत करने की मंजूरी दी। इनमें दो पिछड़े, एक ब्राह्मण, एक दलित, एक वैश्य और एक मुस्लिम हैं। वहीं पूर्वांचल से तीन सदस्य हैं जबकि ब्रज क्षेत्र से दो , अवध क्षेत्र से एक सदस्य हैं। कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि छह सदस्यों के मनोनयन की मंजूरी दी गई है।
भाजपा को मुस्लिम विरोधी बताना प्रोपगंडा : प्रो. तारिक
एएमयू के कुलपति और विधान परिषद के नवनियुक्त सदस्य प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि भाजपा को मुस्लिम विरोधी बताना प्रोपगंडा है। यदि भाजपा मुस्लिम विरोधी होती तो परिषद में पार्टी के चार मुस्लिम सदस्य कैसे होते। परिषद सदस्य मनोनीत होने के बाद अमर उजाला से बातचीत में प्रो.तारिक ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें शिक्षाविद् होने के नाते परिषद सदस्य मनोनीत किया है। वह कोई चुनाव लड़कर परिषद सदस्य नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में बीते कुछ वर्ष में शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। परिषद सदस्य के रूप में उनका प्रयास प्रयास होगा कि यूपी की शिक्षा को किस तरह बेहतर बनाया जाए। यूपी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 का क्रियान्वयन ठीक प्रकार से किया जाए।
पूर्वांचल के आर्थिक विकास में सहयोग करूंगा : साकेत
विधान परिषद के मनोनीत सदस्य साकेत मिश्रा ने कहा कि सरकार ने उन्हें सेवा का अवसर दिया है। इस अवसर और दायित्व को वह पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और एमएसएमई सेक्टर को आर्थिक सहयोग दिलाने में भी सहयोग करना चाहते हैं। खासतौर पर पूर्वांचल के आर्थिक विकास में सहयोग करेंगे।