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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP News: Special facility should not be given to any prisoner in jails, power of attorney should also be banne

UP News : जेलों में किसी बंदी को नहीं मिले विशेष सुविधा, पावर ऑफ अटॉर्नी पर भी लगे रोक

Mon, 03 Apr 2023 09:05 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 03 Apr 2023 09:05 PM IST
सार

जेल के तालों की चाबियां जेल वार्डर के पास होने चाहिए। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गजट अथवा ब्लूटूथ जेल में नहीं जाना चाहिए। किसी भी कैदी को विशेष भोजन तैयार करके नहीं दिया जाए। एक आईडी पर केवल एक ही व्यक्ति की मुलाकात होनी चाहिए।

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UP News: Special facility should not be given to any prisoner in jails, power of attorney should also be banne
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

प्रमुख सचिव कारागार राजेश कुमार सिंह ने कारागार मुख्यालय के कंट्रोल रूम में निर्मित वीडियो वॉल के माध्यम से समस्त जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी बंदी विशेष को विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। जेल के तालों की चाबियां जेल वार्डर के पास होने चाहिए। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गजट अथवा ब्लूटूथ जेल में नहीं जाना चाहिए। किसी भी कैदी को विशेष भोजन तैयार करके नहीं दिया जाए। एक आईडी पर केवल एक ही व्यक्ति की मुलाकात होनी चाहिए। बंदियों से पावर ऑफ अटार्नी लेकर रजिस्ट्री इत्यादि पर रोक लगायी जाए।

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डीजी जेल एसएन साबत ने कहा कि वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करना है। जेलों में अनुशासन कायम करने के लिए तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग करना है। अधिक से अधिक बंदी इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम के दायरे में लाए जाए। जेलों में निरुद्ध टॉप टेन और बड़ी जिलों में टॉप-20 बंदियों की लिस्ट बनायी जाए। 
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उनकी अचूक निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। जेल स्टाफ में सत्यनिष्ठा जांची जाए। तलाशी व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के मध्य उच्च श्रेणी का समन्वय हो। जेलों में शिथिल अनुशासन व्यवस्था और जेल कर्मियों की संलिप्तता के मामलों में शासन की जीरो टॉलरेंस की नीति को कठोरता से लागू किया जाएगा। इस अवसर पर एडीजी कारागार चित्रलेखा सिंह, डीआईजी एके सिंह आदि मौजूद रहे।

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