अखिलेश को झटका: राजभर बोले- सपा को मेरी जरूरत नहीं, सुभासपा करेगी द्रौपदी मुर्मू का समर्थन, अमित शाह से हुई मेरी बात
सुभासपा अध्यक्ष ने बताया कि अमित शाह जी का फोन भी आया था और मेरी उनसे भी मुलाकात हुई। उन्होंने भी द्रौपदी मुर्मू जी के लिए समर्थन मांगा। सिर्फ राष्ट्रपति चुनाव में हम एनडीए के साथ हैं।
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विधानसभा चुनाव के बाद से ही गठबंधन के मुखिया सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर रखने वाले सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को एक और बड़ा झटका दिया। सपा से गठबंधन बनाए रखने के साथ ही राजभर ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू को वोट देने का एलान किया।
राजभर ने कहा कि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की मौजूदगी में हुई सपा की बैठक में अखिलेश ने उन्हें नहीं बुलाया। जबकि एनडीए उम्मीदवार आईं तो उनके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें अपने आवास पर रात्रि भोज पर आमंत्रित किया। इसलिए वह वहां गए तो मुर्मू ने वोट की अपील की थी। इसलिए सुभासपा मुर्मू को वोट देगी। राजभर ने बताया कि, गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें दिल्ली बुलाकर कहा था कि एनडीए ने दलित वर्ग को उम्मीदवार बनाया है।
इस पर उन्होंने शाह से कहा था कि वह तो सपा के साथ हैं, पहले अखिलेश से बात करेंगे और इसके बाद में फैसला लगें। राजभर ने बताया कि उन्होंने अखिलेश से मिलने का समय भी मांगा, पर उन्होंने मिलने में रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में जिस तरह से बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों के हित में मुर्मू को समर्थन देने का फैसला किया है, उसी तरह सुभासपा ने भी उन्हें वोट देगी।
मुख्तार का बेटा भी देगा मुर्मू को वोट
माफिया मुख्तार अंसारी का बेटा व सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी के वोट पर राजभर ने कहा अब्बास से उनकी चार बार बात हुई है और उसने भी सुभासपा के फैसले के साथ रहने की बात कही है। लिहाजा अब्बास का वोट भी मुर्मू को जाएगा।
एसी कमरे से बाहर वाली सलाह से नाराज हैं अखिलेश
अखिलेश से बढ़ती नाराजगी की वजह बताते हुए राजभर ने कहा कि गठबंधन हित में मैंने उन्हें एसी कमरे से बाहर निकलकर फील्ड में काम करने की सलाह दी थी, जो उन्हें नागवार गुजरी। जबकि ऐसा कहने के पीछे मेरा मकसद सिर्फ इतना था कि दोनों पार्टियों के नेता सड़क पर उतरकर जनता और संगठन के लोगों से जुड़ेंगे तो जमीनी स्तर पर गठबंधन मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि हम अति पिछड़े समाज से आते हैं इसलिए बड़े नेताओं को लगता है कि हमें सलाह नहीं देनी चाहिए। सपा अध्यक्ष को मेरी सलाह अच्छी नहीं लगती।
अखिलेश ने कहा था, ऐसे नहीं चलेगा
राजभर ने कहा कि मेरी सलाह के बाद सपा अध्यक्ष ने मेरे बेटे अरविंद के पास फोन कराया था। फोन पर उन्होंने कहा गया था कि आप अपना देख लो ऐसे नहीं चलेगा। इसलिए हमने भी तय किया है कि सपा अध्यक्ष को कोई सलाह नहीं देंगे।
मैं इनोवा से चलता हूं, फॉरच्यूनर से नहीं
विस चुनाव में सपा द्वारा दी गई फॉरच्यूनर वापस लिए जाने को लेकर चल रही खबरों का खंडन करते हुए राजभर ने कहा कि हमारे पास दो इनोवा है। मैं उसी से चलता हूं। सपा ने किसको फॉरच्यूनर दिया है, वही जाने।