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UP News : राज्यकर विभाग के ‘दागी’ अफसरों को फील्ड से हटाने की तैयारी, कई अफसर हैं निशाने पर
Wed, 10 Aug 2022 09:27 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 10 Aug 2022 09:27 PM IST
सार
अब विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) और सचल दल जैसे संवेदनशील विंग में तैनात उन अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीएसटी की चोरी करने वाले व्यापारियों पर शिकंजा करने के बाद राज्यकर विभाग के ‘दागी’ अधिकारियों को फील्ड से हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। अब विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) और सचल दल जैसे संवेदनशील विंग में तैनात उन अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं। राज्यकर विभाग मुख्यालय के स्तर पर ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। जिन्हें हटाने के बाद उनके स्थान पर स्वच्छ छवि वाले अफसरों को तैनात किया जाएगा।
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विभाग में एसआईबी और सचल दल दो ऐसे शाखाएं हैं, जिनके पास व्यापारियों के कारोबार व लेनदेन के अलावा माल की आपूर्ति या माल मंगाने से संबंधित लेखाजोखा की जांच करने की जिम्मेदारी होती है। इधर वाणिज्यकर मुख्यालय को फील्ड में तैनात तमाम अधिकारियों के बारे में कर चोरी के मामले में व्यापारियों के साथ सांठगांठ में शामिल होने की शिकायतें मिल रही हैं। वहीं शासन व मुख्यालय स्तर से कर चोरी रोकने को लेकर किए जा रहे तमाम प्रयासों के बाद भी कर चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में भी फील्ड में तैनात अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
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इससे साफ है कि अधिकारी व्यापारिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच का काम ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं। खासतौर पर सचल दल और एसआईबी के अधिकारियों के संबंध में शिकायतें ज्यादा हैं। विभाग के यही दो शाखा ऐसी हैं, जिसमें तैनाती के लिए अधिकारी लामबंदी भी करते हैं। कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, आगरा जैसे जोन में तैनाती पाने के लिए तो अधिकारियों में होड़ मची रहती है। इसके लिए वह विधायकों व सांसदों से लेकर मंत्री तक से सिफारिश कराते हैं।
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उधर शासन स्तर पर भी दागी अफसरों के बारे में शिकायतें मिल रही हैं। लिहाजा अब ऐसे अधिकारियों को हटानेे को लेकर मंथन शुरू कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में शासन स्तर पर पिछले दिनों एक बैठक हुई थी। इसमें दागी अफसरों को चिह्नित करने पर सहमति बनी थी। इस आधार पर वाणिज्य कर मुख्यालय स्तर पर सचल दल, एसआईबी व फील्ड में तैनात दागी अफसरों का ब्योरा तैयार करने, सतर्कता जांच से घिरे अफसरों की संख्या और विभागीय जांच के दायरे वाले अधिकारियों की सूची तैयार करने का काम शुरू किया गया है। इसके बाद शिकायतों से घिरे फील्ड वाले अफसरों को हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।