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करोड़ों का बजट होने के बाद भी खर्च नहीं कर सके कई विभाग, योजनाएं अधर में
Wed, 14 Jul 2021 06:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
महेंद्र तिवारी, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 14 Jul 2021 06:38 AM IST
सार
- बजट पाकर भी सैकड़ों करोड़ दबाए बैठे रह गए कई विभाग
- विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसे विभागों की बढ़ी मॉनिरिंग
- फ्लैगशिप योजनाओं से जुड़े विभागों की सुस्ती से सरकार चौकन्नी
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विस्तार
कोविड संकट में सरकार ने प्राथमिकता वाले विभागों को काम के लिए बजट का हर संभव इंतजाम किया। इसके बावजूद डेढ़ दर्जन विभाग काम में सुस्त बने रहे और बड़ी रकम बिना खर्च पड़ी रह गई। चुनावी वर्ष में सरकार तमाम कार्यों को तेजी से पूरा करने की तैयारी कर रही है। ये विभाग इस मुहिम में बाधक न बन जाएं, इसके लिए इनके बजट प्रावधान से लेकर वित्तीय स्वीकृतियों और खर्च की विशेष रूप से निगरानी शुरू की गई है।
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कई विभागों में सरकार की एक या एक से अधिक फ्लैगशिप योजनाएं चल रही हैं। हर घर शौचालय, हर विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन स्थलों का विकास, हर घर पाइप पेयजल कनेक्शन, वर्षों से लंबित नहरों के निर्माण, गौ संरक्षण केंद्रों की स्थापना, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, जल जीवन मिशन, चिकित्सालयों में सुविधाओं का विस्तार जैसे कार्य शासन की शीर्ष प्राथमिकता में हैं।
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इस तरह की योजनाओं से जुड़े विभागों को वित्त वर्ष 2020-21 के आपदा काल में भी अधिकतम बजट व्यवस्था का प्रयास हुआ। पर ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, महिला कल्याण, पर्यटन, व्यावसायिक शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, चिकित्सा शिक्षा, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, उच्च शिक्षा, सिंचाई एवं जल संसाधन, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन, वन, पशुपालन, कृषि व राजस्व विभाग ने मिली रकम में से सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च नहीं किए। इसका परियोजनाओं व प्रोजेक्ट पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
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मुख्य सचिव आरके तिवारी ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इन विभागों की पिछले वर्ष के खर्चों की स्थिति के साथ वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इनके बजट प्रावधान, स्वीकृत बजट और खर्च बजट की टाइमलाइन के साथ समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने बजट खर्च के मद्देनजर कई प्राथमिकताएं भी तय करवाई हैं।
तेजी से बजट खर्च के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
- पूंजीगत मद में स्वीकृतियां प्राथमिकता पर जारी कर खर्च हो।
- विभागाध्यक्ष शत प्रतिशत आवंटन करें, खर्च समय से हो।
- प्रत्येक माह का लक्ष्य तय हो, प्राथमिकता वाली योजनाओं की स्वीकृतियां तत्काल जारी हों।
- केंद्रीय सहायता वाली योजनाओं में केंद्र से सहायता के प्रस्ताव जल्द भेजें।
- छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़ी धनराशि केंद्र से प्राप्त कर विद्यार्थियों में वितरित कराएं।
- जिन विभागों के प्रस्ताव वित्त विभाग में लंबित हैं, वे उसकी स्वीकृति जारी कराएं।
- कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले कार्मिकों के परिजनों को मिलने वाली धनराशि तत्काल दिलाएं।