UP News : बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से 83 हजार से ज्यादा किसानों का नुकसान, बढ़ गई आपदा प्रभावितों की संख्या
बुधवार तक सर्वे में सामने आया था कि 19 हजार किसानों की फसलों को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, जिन्हें मुआवजा दिया जाएगा। चूंकि सर्वे अभी चल रहा है, लिहाजा, संख्या बढ़ रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के सर्वे में बृहस्पतिवार को 63,993 किसानों की संख्या बढ़ गई। अब 83 हजार से ज्यादा किसानों को फसलों के नुकसान पर मुआवजा मिलेगा। वाराणसी में अब तक सबसे ज्यादा 58,393 किसानों को नुकसान होना सामने आया है। हालांकि जिलों में सर्वे अभी जारी है और यह संख्या बढ़ सकती है। शासन ने राहत कार्याें को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार तक सर्वे में सामने आया था कि 19 हजार किसानों की फसलों को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, जिन्हें मुआवजा दिया जाएगा। चूंकि सर्वे अभी चल रहा है, लिहाजा, संख्या बढ़ रही है। ललितपुर में 2000 किसानों के नुकसान की बात बुधवार को सामने आई थी। अब यहां 7830 किसानों की 6216 हेक्टेयर फसल बरबाद होना सामने आया है। किसानों को यहां 10.27 करोड़ रुपये राहत राशि बांटी जाएगी। वाराणसी में 480 किसानों का नुकसान पहले सामने आया था, अब यहां सबसे ज्यादा 58393 किसानों को नुकसान होना सामने आया है। इनकी 13112.040 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। यहां राहत देने के लिए 22.30 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
उन्नाव और चंदौली में भी फसलों को हुआ नुकसान
बारिश एवं ओलावृष्टि के असर के चल रहे सर्वेक्षण में उन्नाव और चंदौली जिले में भी फसलों को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान मिला है। राहत प्रशासन ने इन दोनों जिलों में भी किसानों को क्षतिपूर्ति देने की सिफारिश की है। अब खराब मौसम से प्रभावित जिलों की संख्या आठ हो गई है। बुधवार तक हमीरपुर, ललितपुर, प्रयागराज, आगरा, एवं बरेली में राहत प्रशासन ने माना था कि वहां फसलों को 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ। बृहस्पतिवार को उन्नाव एवं चंदौली को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया। उन्नाव में ओलावृष्टि से 19 गांवों की 2801 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। यहां किसानों को देने के लिए 3.12 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ेगी। चंदौली में 11265 किसानों की कुल 2986.813 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इसके लिए किसानों को दी जाने वाली धनराशि का विभाग अभी आकलन किया जा रहा है।
किसानों को फसल बीमा के रूप में मिले 462.80 करोड़
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार ने लांच ऑफ डीजी क्लेम मॉड्यूल का शुभारंभ किया। इस संबंध में हुई वर्चुअल बैठक में केंद्रीय कृषि नरेंद्र सिंह तोमर ने खरीफ 2022 के लिए छह राज्यों के किसानों की क्षतिपूर्ति के रूप में 1260.35 करोड़ रुपये उनके खातों में ट्रांसफर की। इसमें यूपी के 903336 किसानों को 462.80 करोड़ रुपये दिए गए। यह रकम क्रॉप कटिंग के प्रयोगों से प्राप्त उपज के आधार पर दी गई है। इससे पहले यूपी में मध्यावस्था में आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में 2.18 लाख कृषकों को 134.25 करोड़ पहले ही बीमा कंपनियों ने दे दी थी। इस तरह कुल 597.05 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री को चार सुझाव भी दिए। कहा कि आपदा की स्थिति में कृषकों की ओर से व्यक्तिगत क्षति की सूचना देने की मियाद 72 घंटे से बढ़ाकर 4 से 5 दिन होनी चाहिए। असफल बोआई के तहत ग्रामपंचायत में 75 प्रतिशत क्षेत्र में बोआई न होने पर क्षतिपूर्ति देने की व्यवस्था को घटाकर 60 प्रतिशत करना सही होगा। बैंकों से प्रीमियम काटने पर यह रकम बीमा कंपनी को निर्धारित समय से दी जाए। क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान किसानों को फसल कटाई के एक माह में कर दिया जाए।