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UP News : होम्योपैथी चिकित्सकों को भी 62 साल में करें रिटायर, हाईकोर्ट ने रद्द किया सरकारी आदेश

Wed, 01 Feb 2023 07:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 01 Feb 2023 07:52 PM IST
सार

न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (पीएमएचएस) संवर्ग में कार्यरत एलोपैथी डॉक्टरों के समान अन्य विधाओं जैसे होम्योपैथी के चिकित्सकों को भी 62 साल में सेवानिवृत्ति का लाभ मिलना चाहिए।
 

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UP News: Homeopathy doctors should also retire in 62 years, the High Court canceled the government order
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में होम्योपैथी के डॉक्टरों को भी 62 साल में सेवानिवृत्ति  का लाभ देने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (पीएमएचएस) संवर्ग में कार्यरत एलोपैथी डॉक्टरों के समान अन्य विधाओं जैसे होम्योपैथी के चिकित्सकों को भी 62 साल में सेवानिवृत्ति का लाभ मिलना चाहिए।

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कोर्ट ने चिकित्सकों की सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के मामले में महत्वपूर्ण नजीर देते हुए होम्योपैथी चिकित्सकों को 60 वर्ष में रिटायर करने संबंधी 17 दिसंबर 2021 के शासन के आदेश को भी निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश विभेदकारी है। न्यायालय ने याची होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र प्रताप यादव को एलोपैथी के चिकित्सकों के समान 62 साल तक सभी हितलाभों के साथ सेवा में रखने का निर्देश दिया है। 
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यह है मामला
दरअसल, राज्य सरकार ने 31 मई 2017 को अधिसूचना जारी कर एलोपैथी डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी थी। इसका लाभ होम्योपैथी चिकित्सकों को नहीं दिया गया। इससे याची को 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त कर दिया गया। याची ने सुप्रीम कोर्ट की एक नजीर का हवाला देते हुए रिटायरमेंट आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी कि उसे भी एलोपैथ डॉक्टरों के समान 62 वर्ष तक सरकारी सेवा में रखा जाए। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि दोनों विधाओं के चिकित्सक मरीजों के इलाज का एक समान कार्य करते हैं। ऐसे में उनके बीच कोई विभेद नहीं किया जा सकता। 

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