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UP: देश के 51 मंदिरों पर पुस्तक लिखकर मृगेंद्र राज ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, छोटी उम्र में रचे कई कीर्तिमान
Fri, 27 Jun 2025 09:10 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 27 Jun 2025 09:10 AM IST
सार
अयोध्या के मृगेंद्र राज पांडेय ने देश के 51 मंदिरों पर पुस्तक रचकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। उनकी पुस्तकों मंदिरों के कई पहलुओं का वर्णन किया गया है।
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मृगेंद्र राज पांडेय
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कलम की धार और श्रद्धा की मशाल थामे आज का अभिमन्यु नाम से पहचाने जाने वाले 18 वर्षीय मृगेंद्र ने वह कर दिखाया है जो कल्पना से परे था। जहां युवा आज डिजिटल दुनिया के चकाचौंध में खोए रहते हैं, वहीं अयोध्या के मृगेंद्र ने अपनी लेखनी से इतिहास रचा है। मात्र 18 वर्ष की उम्र में गहन शोध, तथ्यात्मक प्रमाण और साहित्यिक शुद्धता के साथ देश के 51 मंदिरों पर पुस्तक लिखकर 11वां विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया है।
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अवध विश्वविद्यालय के समीप श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड में रहने वाले मृगेंद्र राज पांडेय की पुस्तकों में केवल ईंट-पत्थर का विवरण नहीं, बल्कि मंदिरों की आत्मा, उनकी पौराणिक कथा, स्थापत्य कला और हजारों वर्षों से बहती आस्था की अविरल धारा समाहित है। उनकी लेखनी न तो उम्र की सीमा मानती है, न ही संसाधनों की कमी।
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उन्होंने देश के जिन 51 मंदिरों की ध्वनि को शब्दों के जरिये अमर किया है, उनमें केदारनाथ मंदिर, सिद्धिविनायक मंदिर, गुजरात का सोमनाथ मंदिर, खजुराहो, कोणार्क का सूर्य मंदिर, बद्रीनाथ, मुरुगन मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा रंगनाथ स्वामी, नटराजन मंदिर, अमृतसर का लोटस टेंपल, शिरडी साईं मंदिर, वेलूर मठ, महाबोधि मंदिर, सांची का स्तूप आदि शामिल हैं।
मृगेंद्र राज ढाई वर्ष की उम्र से ही टेलीविजन चैनलों और अनेक विभिन्न प्रकार के मंचों पर बेहद कठिन प्रश्नों का धारा प्रवाह जवाब देने लगे थे। पांच वर्ष की उम्र में उनका पहला काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ। 2013 में उन्होंने पहला विश्व रिकॉर्ड यंगेस्ट पोएट ऑफ द वर्ल्ड के नाम से दर्ज कराया। नौ अलग-अलग विषयों पर पुस्तक लिखने के कारण इनका नाम यंगेस्ट मल्टी डाइमेंशनल राइटर ऑफ वर्ल्ड नाम से विश्व रिकॉर्ड दर्ज हुआ है।