{"_id":"689ed9615cc5be577f07ef27","slug":"up-mayawati-said-self-reliance-policy-is-necessary-to-avoid-trump-s-tariff-2025-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: मायावती ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई, कहा- ट्रंप के टैरिफ से बचने को आत्मनिर्भरता की नीति जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: मायावती ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई, कहा- ट्रंप के टैरिफ से बचने को आत्मनिर्भरता की नीति जरूरी
Fri, 15 Aug 2025 12:23 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 15 Aug 2025 12:23 PM IST
सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को बधाई दी और कहा कि अमेरिका से दोस्ती महंगी पड़ने के बाद अपने देश का व्यापार व भरोसा किसी एक देश पर केन्द्रित ना हो, तो बेहतर होगा।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि व्यापक जनहित में ही देशहित निहित व समाहित है। इसीलिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ’अमेरिका को पुनः महान बनाने’ की प्रतिज्ञा के तहत मनमाने व्यापार टैरिफ नीति को बलपूर्वक लागू करने से भारत में भी इसका आर्थिक प्रभाव होगा। इससे देश व जनजीवन को बचाने हेतु आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाली नीति पर ठोस कार्यवाही जरूरी है। अमेरिका से दोस्ती महंगी पड़ने के बाद अपने देश का व्यापार व भरोसा किसी एक देश पर केन्द्रित ना हो, तो बेहतर होगा।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देश का समग्र व जनहितैषी विकास तभी संभव है, जब देश हर प्रकार की अव्यवस्था, साम्प्रदायिकता, जातिवाद, भाषाई तनाव व हिंसा आदि से मुक्त हो, जिसके प्रति सरकारों की खास जिम्मेदारी है। साथ ही, केंद्र व राज्य के बीच टकराव को भी रोकना होगा। सरकार को दावे, वादे, घोषणा व संकीर्णता आदि त्यागकर एकाग्रता एवं एकजुटता के साथ ठोस उपायों पर सही से कार्य करना होगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - झंडा फहराकर सीएम योगी ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई, बोले- आजादी का अर्थ राष्ट्रीय कर्तव्यों का पालन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - आठ साल में सबसे ज्यादा बरसा पानी... आज से मानसून की सक्रियता में आएगी कमी
उन्होंने आगे कहा कि देश के करोड़ों बहुजन गरीबों, मजदूरों, किसानों, छोटे व्यापारियों व अन्य मेहनतकश समाज के प्रयासों से अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, जो सरकार का असली सहारा भी है लेकिन सरकार की गरीब-विरोधी व पूंजीपति व धन्नासेठ- समर्थक नीति के कारण इन वर्गों के लोगों का जीवन बढ़ती महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, तनावपूर्ण जीवन आदि के कारण बदहाल है। इनकी क्रय शक्ति ही देश के अर्थव्यवस्था की असली ताकत व पूंजी है। जिसके प्रति सरकार को अब गंभीर होकर सुधार के उपाये करने की जरूरत है। भारत सरकार को कृषि की तरह ही अन्य विभिन्न क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता पर दीर्घकालीन नीति बनाकर कार्य करने की जरूरत है, जिससे देश की अपार श्रम व आईटी सेक्टर की शक्ति को बढ़ावा मिल सकता है। गरीबी व बेरोजगारी आदि की जटिल समस्याओं से मुक्ति के लिए सरकार को संकीर्णता व कुछ चुनिन्दा व्यापारियों को प्रश्रय देना छोड़कर सरकारी क्षेत्र को भी उचित बढ़ावा देना होगा।