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यूपी : भूमि विक्रय के हरियाणा मॉडल पर निगाहें, टीम को अध्ययन करने के निर्देश
Sun, 31 Jan 2021 02:32 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 31 Jan 2021 02:32 PM IST
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प्रदेश सरकार सरकारी प्रोजेक्ट व उद्योगों के लिए आम लोगों से भूमि प्राप्त करने के लिए भूमि विक्रय के हरियाणा मॉडल पर विचार करेगी। इन्वेस्ट यूपी को हरियाणा मॉडल का अध्ययन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
दरअसल, औद्योगीकरण के लिए भूमि का अधिग्रहण कर उपलब्ध कराना काफी मंहगा पड़ता है। इसके लिए भूमि की कीमत का चार गुना भुगतान करना पड़ता है। इससे प्रोजेक्ट काफी मंहगा हो जाता है। शासन इस समस्या से समाधान के लिए ऑनलाइन भूमि बिक्री मॉडल शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत सरकार जमीन बेचने के इच्छुक काश्तकारों को अपनी जमीन का ऑनलाइन ब्योरा उपलब्ध कराने का विकल्प देना चाहती है। इससे निवेशक व सरकार अपने प्रोजेक्ट के लिए काश्तकार से सीधे संपर्क कर जमीन खरीद सकेंगे।
तमाम किसान विभिन्न परिस्थितियों में औने-पौने कीमत पर अपनी जमीन बेचने को मजबूर होते हैं। इससे ऐसे काश्तकारों की समस्या का भी समाधान होगा। वे पोर्टल पर अपनी भूमि का ब्योरा देकर बेहतर कीमत प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रस्ताव पर निर्णय से पहले शासन ने हरियाणा के ई-भूमि प्रणाली का अध्ययन कराने का फैसला किया है। इस प्रणाली के अध्ययन के लिए एक टीम को जल्द हरियाणा भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रणाली का अध्ययन कराने के बाद राज्य की ऑनलाइन भूमि बिक्री प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।
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ये है हरियाणा का ई-भूमि मॉडल
हरियाणा में भूमि सौदे में पारदर्शिता के लिए ई-भूमि पोर्टल है। इस पोर्टल की मदद से लोग सरकार को अपनी जमीन बिना परेशानी के बेच सकते हैं। जमीन के मालिकों द्वारा सरकार को जमीन की बिक्री के लिए ऑनलाइन स्वैच्छिक ऑफर दिया जा सकता है। वहां विकास परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से सरकार को दी जाने वाली जमीन की खरीद करने के लिए एक नीति भी है।
इसके तहत किसान मजबूरन भूमि की बिक्री करने के बारे में सोचने से पहले अपनी परियोजनाओं के लिए संभावित खरीदार के रूप में सरकार के पास पहुंच सकते हैं। सरकार उन भूमि मालिकों के बारे में जानकारी भी हासिल कर सकेगी जो किसी विशेष परियोजना के लिए सरकार को अपनी जमीन बेचने के लिए तैयार हो जाएं।
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दरअसल, औद्योगीकरण के लिए भूमि का अधिग्रहण कर उपलब्ध कराना काफी मंहगा पड़ता है। इसके लिए भूमि की कीमत का चार गुना भुगतान करना पड़ता है। इससे प्रोजेक्ट काफी मंहगा हो जाता है। शासन इस समस्या से समाधान के लिए ऑनलाइन भूमि बिक्री मॉडल शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत सरकार जमीन बेचने के इच्छुक काश्तकारों को अपनी जमीन का ऑनलाइन ब्योरा उपलब्ध कराने का विकल्प देना चाहती है। इससे निवेशक व सरकार अपने प्रोजेक्ट के लिए काश्तकार से सीधे संपर्क कर जमीन खरीद सकेंगे।
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तमाम किसान विभिन्न परिस्थितियों में औने-पौने कीमत पर अपनी जमीन बेचने को मजबूर होते हैं। इससे ऐसे काश्तकारों की समस्या का भी समाधान होगा। वे पोर्टल पर अपनी भूमि का ब्योरा देकर बेहतर कीमत प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रस्ताव पर निर्णय से पहले शासन ने हरियाणा के ई-भूमि प्रणाली का अध्ययन कराने का फैसला किया है। इस प्रणाली के अध्ययन के लिए एक टीम को जल्द हरियाणा भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रणाली का अध्ययन कराने के बाद राज्य की ऑनलाइन भूमि बिक्री प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।
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ये है हरियाणा का ई-भूमि मॉडल
हरियाणा में भूमि सौदे में पारदर्शिता के लिए ई-भूमि पोर्टल है। इस पोर्टल की मदद से लोग सरकार को अपनी जमीन बिना परेशानी के बेच सकते हैं। जमीन के मालिकों द्वारा सरकार को जमीन की बिक्री के लिए ऑनलाइन स्वैच्छिक ऑफर दिया जा सकता है। वहां विकास परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से सरकार को दी जाने वाली जमीन की खरीद करने के लिए एक नीति भी है।
इसके तहत किसान मजबूरन भूमि की बिक्री करने के बारे में सोचने से पहले अपनी परियोजनाओं के लिए संभावित खरीदार के रूप में सरकार के पास पहुंच सकते हैं। सरकार उन भूमि मालिकों के बारे में जानकारी भी हासिल कर सकेगी जो किसी विशेष परियोजना के लिए सरकार को अपनी जमीन बेचने के लिए तैयार हो जाएं।