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UP: यहां बदले समीकरण... पिछले चुनावों के प्रतिद्वंद्वी इस बार एक साथ; पहले जिसे हराया अब उसे ही जिताने की कसरत

Thu, 09 May 2024 08:50 AM IST
शाहरुख खान श्रुतिमान शुक्ल, अमर उजाला, बाराबंकी
श्रुतिमान शुक्ल, अमर उजाला, बाराबंकी Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 09 May 2024 08:50 AM IST
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सार
यूपी की इस सीट पर उलटफेर हो गया है। यहां समीकरण बदल गए हैं।  पिछले चुनावों के प्रतिद्वंद्वी इस बार एक साथ हैं। समीकरण ऐसे कि जिसे हराया अब उसे ही जिताने की कसरत की जा रही है। बदले रंग देखकर मतदाता भी खूब चटखारे लेकर इनकी चर्चा कर रहे हैं।
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UP Lok Sabha Election 2024 Equations have changed, rivals from last election are together this time
UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव में इस बार कुछ ऐसे समीकरण बने कि बाराबंकी की राजनीति में ही उलटफेर हो गया है। पिछले कई चुनावों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर आमने सामने चुनाव लड़ चुके नेता इस चुनाव में एक साथ वोट मांग रहे हैं। सियासत के चिर प्रतिद्वंद्वी एक हो गए हैं। बदले रंग देखकर मतदाता भी खूब चटखारे लेकर इनकी चर्चा कर रहे हैं।


कांग्रेस के दिग्गज नेता व सांसद डॉ. पीएल पुलिया 2009 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे। उन्होंने सपा के रामसागर रावत को हराया था। 2014 में कांग्रेस से पीएल पुनिया चुनाव लड़े तो सामने फिर सपा से रामसागर रावत ही थे। लेकिन यह चुनाव भाजपा की प्रियंका रावत ने जीता। 


2019 में तब कांग्रेस ने डॉ. पीएल पुनिया के पुत्र तनुज पुनिया को उम्मीदवार बनाया तो सपा से रामसागर रावत फिर सामने थे। लेकिन चुनाव भाजपा के उपेंद्र रावत ने जीत लिया था। लेकिन अब जब इंडी गठबंधन के तहत एक बार फिर तनुज पुनिया उम्मीदवार बनाए गए हैं तो पिता व पुत्र दोनों के प्रतिद्वंदी रहे सपा नेता रामसागर रावत तनुज पुनिया के लिए वोट मांग रहे हैं। 

रामसागर व पुनिया के एक साथ मंच पर आ रहे हैं। इसी प्रकार जैदपुर विधानसभा में 2019 में उपचुनाव हुआ तो सपा से गौरव रावत, कांग्रेस से तनुज पुनिया मैदान में आए। गौरव ने तनुज को हराकर विधायकी जीत ली। 

2022 में जब आम चुनाव हुए तो एक बार फिर गौरव व तनुज आमने सामने रहे लेकिन यह चुनाव भी सपा के गौरव रावत ने जीता। लेकिन वर्तमान में गठबंधन के समीकरण ऐसे हुए कि विधायक गौरव रावत स्वयं गांव गांव तनुज के लिए वोट मांग रहे हैं। 

 

इतना ही नहीं 2021 के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से राजरानी रावत व सपा से नेहा सिंह आनंद आमने सामने थी। राजरानी चुनाव जीतकर जिला पंचायत अध्यक्ष बन गई। लेकिन अब भाजपा ने राजरानी को लोकसभा का टिकट दे दिया है। 

 

इनकी प्रतिद्वंदी रही नेहा सिंह आनंद भी भाजपा में आ चुकी है। अब नेहा भी राजरानी के लिए वाेट मांग रही हैं। 2007 में फतेहपुर विधानसभा सीट से ही कांग्रेस के नेता पीएल पुनिया ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। 

 

इनके सामने बसपा से मीता गौतम थी। यह चुनाव मीता गौतम ने जीता था। लेकिन वर्तमान में मीता कांग्रेस में शामिल होकर श्री पुनिया के साथ वोट मांग रही हैं। कई जिला पंचायत सदस्यों व नेताओं के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है।

कोई वापस लौटा तो किसी ने बदल दी पार्टी
लोकसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच बाराबंकी में कई दिलचस्प वाक्ये भी हुए। जैसे बसपा की फतेहपुर से बसपा विधायक रही मीता गौतम ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। विधानसभा चुनावों में सपा में शामिल होने वाले भाजपा नेता सिद्धार्थ अवस्थी भाजपा में वापस लौट चुके हैं।

इतना ही नहीं कई नगर पंचायतों में भाजपा से बागी होने वाले लोग जहां वापस लौट आए हैं वहीं बसपा से रामनगर, दरियाबाद व हैदरगढ़ का विधानसभा चुनाव लड़ने वाले तीन नेता भी अब भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
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